
रायपुर: राजधानी रायपुर से सटे नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर में डूबे युवक आदिल का 48 घंटे बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है। SDRF और NDRF की टीमें लगातार इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन पानी की गहराई और कठिन परिस्थितियों के चलते रेस्क्यू टीमों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस के मुताबिक, आदिल दोस्तों के साथ ब्लू वाटर घूमने पहुंचा था। इसी दौरान तैरने को लेकर दोस्तों के बीच शर्त लगी और आदिल पानी में उतर गया। गहरे हिस्से में जाने के बाद वह वापस नहीं लौट सका। सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है।

रेस्क्यू अभियान के दौरान घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो रही है। करीब 100 से 200 लोग ब्लू वाटर के आसपास मौजूद बताए जा रहे हैं, जिनमें कई लोग गहरे और जोखिम वाले हिस्से के बेहद करीब खड़े होकर या बैठकर रेस्क्यू ऑपरेशन देख रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अगर भीड़ में किसी व्यक्ति का पैर फिसलता है या कोई अन्य हादसा होता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसके बावजूद लोगों को खतरनाक हिस्से से दूर रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा घेरा नजर नहीं आने की बात सामने आ रही है।

ब्लू वाटर में पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद यहां लोगों की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है। जिस स्थान पर पानी काफी गहरा और जोखिम भरा है, वहां लोगों को आगाह करने के लिए पर्याप्त चेतावनी बोर्ड या स्पष्ट सुरक्षा संकेतों की कमी भी नजर आ रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन से मांग उठ रही है कि खतरनाक हिस्सों में मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और भीड़ को घटनास्थल से सुरक्षित दूरी पर रखा जाए। फिलहाल आदिल की तलाश के साथ-साथ मौके की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।







