
छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को लेकर राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताते हुए 2 अप्रैल 2026 को पूरे प्रदेश में बिजली कार्यालयों के घेराव का ऐलान किया है। पार्टी ने दो टूक कहा है कि यदि सरकार ने बड़े बकायादारों से वसूली नहीं की, तो 1 मई के बाद ‘आप’ कार्यकर्ता स्वयं जाकर उनके कनेक्शन काटेंगे।
बड़े बकायादारों पर मेहरबानी क्यों?- AAP का सवाल
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा और अन्य नेताओं ने बताया कि पिछले साल जुलाई 2025 में भी दरें बढ़ाई गई थीं। अब फिर से बोझ डालना तर्कहीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों पर 3500 करोड़ रुपये और निजी उद्योगपतियों पर हजारों करोड़ का बिल बकाया है, लेकिन सरकार उनसे वसूली के बजाय आम आदमी की जेब काट रही है।
पार्टी ने वितरण कंपनी के एमडी (MD) से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को परेशान किया जा रहा है और रिचार्ज खत्म होते ही कनेक्शन काट दिया जाता है, जो गलत है।आम आदमी पार्टी की 6 सूत्रीय मांगे
प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए।
बड़े उद्योगपतियों और सरकारी विभागों के पेंडिंग बिल वसूले जाएं या कनेक्शन काटें।
स्मार्ट मीटर की जगह पुराने मीटर लगाए जाएं या व्यवस्था में सुधार हो।
बिजली कंपनियां फिजूलखर्ची कम कर अपना घाटा नियंत्रित करें।
ग्रामीण इलाकों में असमय बिजली कटौती पर रोक लगे।
गाँवों में ट्रांसफार्मर की फ्री उपलब्धता सुनिश्चित हो, जनता से पैसे न लिए जाएं।
प्रदर्शन की तारीख: 2 अप्रैल 2026 (प्रदेशव्यापी)।
अंतिम दर वृद्धि: जुलाई 2025 में हुई थी।
बिजली कंपनियों का घाटा: लगभग 7000 करोड़ रुपये (प्रदर्शित)।
सरकारी बकाया: लगभग 3500 करोड़ रुपये।
अल्टीमेटम: 1 मई 2026 तक वसूली न होने पर कार्यकर्ताओं द्वारा कनेक्शन काटने की चेतावनी।
कल, यानी 2 अप्रैल को राजधानी रायपुर के बीरगांव (कर्मा चौक, उरला) स्थित बिजली ऑफिस में शाम 4 बजे भारी प्रदर्शन होगा। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा।



