छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रदेशभर में डेढ़ करोड़ से ज्यादा दीये जलाने का दावा किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे जनता की स्वस्फूर्त भागीदारी बताते हुए कहा कि लोग सड़कों पर उतरे और दीये जलाकर प्रधानमंत्री के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

वहीं इस आयोजन को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने डेढ़ करोड़ दीयों के आयोजन पर खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने अनुमान के आधार पर कहा कि अगर एक दीये की कीमत 10 रुपए भी मानी जाए, तो खर्च 15 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है।

विकास उपाध्याय ने सवाल किया कि आयोजन के लिए पैसा किस मद से खर्च किया गया और क्या इसके लिए कोई आधिकारिक टेंडर हुआ था। उन्होंने दीयों और तेल की व्यवस्था को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। अब ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।




