रायपुर : – खम्हारडीह इलाके में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां व्हाट्सऐप के जरिए भेजी गई APK फाइल के बाद कारोबारी के बैंकिंग माध्यमों से लाखों रुपये निकल गए। लाभांडी के रहेजा रेजीडेंसी निवासी तनुज अग्रवाल के मोबाइल पर 12 सितंबर को एक APK फाइल पहुंची थी। व्हाट्सऐप का ऑटो-डाउनलोड फीचर सक्रिय होने के कारण फाइल मोबाइल में अपने आप डाउनलोड हो गई। इसके बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से रकम निकलने लगी।

शिकायत के मुताबिक ठगी में कारोबारी के दो बैंकिंग माध्यम प्रभावित हुए। बैंक ऑफ इंडिया के क्रेडिट कार्ड से करीब 69,999 रुपये की राशि निकाली गई, जबकि यूनियन बैंक के करंट अकाउंट से यूपीआई के जरिए करीब 3.45 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इस तरह कुल 4 लाख 15 हजार 529 रुपये की रकम चली गई। लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद कारोबारी ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में खम्हारडीह थाने में भी आवेदन दिया। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि APK फाइल किस नंबर से भेजी गई थी और ठगी की रकम किन खातों में पहुंची। बैंकिंग ट्रांजैक्शन, मोबाइल से जुड़े तकनीकी साक्ष्य और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।




