
छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों एक अलग ही अंदाज देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर मंत्रिमंडल के तमाम सदस्य 80 के दशक के रेट्रो लुक में नजर आ रहे हैं। लेकिन ये कोई पुरानी तस्वीरें नहीं, बल्कि AI के जरिए तैयार की गई तस्वीरें हैं, जिन्हें मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 1980s रेट्रो AI ट्रेंड ने अब छत्तीसगढ़ के नेताओं को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा समेत ओपी चौधरी, लक्ष्मी राजवाड़े, खुशवंत साहेब और अन्य मंत्रियों ने अपनी तस्वीरों को AI की मदद से 80s के अंदाज में बदलवाया। तस्वीरों में पुराने दौर के कपड़े, हेयरस्टाइल, विंटेज बैकग्राउंड और कैमरा इफेक्ट नजर आ रहे हैं।

दरअसल, AI के इस ट्रेंड में मौजूदा तस्वीर को कुछ ही समय में पुराने जमाने की फोटो जैसा रूप दिया जाता है। तस्वीर के कपड़े, रंग, बैकग्राउंड से लेकर फोटो की क्वालिटी तक को 80 के दशक के हिसाब से बदला जाता है।

यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। नेताओं के अलावा आम लोग, कलाकार और सोशल मीडिया यूजर्स भी अपनी तस्वीरों को रेट्रो अंदाज देकर शेयर कर रहे हैं।

इन तस्वीरों में नेताओं का अंदाज देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं। किसी तस्वीर में पुराना फिल्मी अंदाज दिख रहा है तो कहीं 80s के दौर का पारिवारिक फोटो जैसा लुक दिखाई दे रहा है।

AI की मदद से तैयार किए गए इन विजुअल्स ने नेताओं की सामान्य तस्वीरों को पूरी तरह अलग अंदाज दे दिया है।

खास बात यह है कि रेट्रो लुक वाला यह ट्रेंड सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर पुरानी यादों और नए AI टेक्नोलॉजी के मेल का एक नया उदाहरण बनकर सामने आया है।

छत्तीसगढ़ के मंत्रियों की तस्वीरें सामने आने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस ट्रेंड में और कौन-कौन सी चर्चित हस्तियां शामिल होती हैं।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ के मंत्रिमंडल का यह रेट्रो अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। AI की नई तकनीक ने नेताओं की तस्वीरों को 80 के दशक की यादों से जोड़ दिया है, जिससे पुराने दौर का फैशन और आज की डिजिटल टेक्नोलॉजी एक साथ नजर आ रही है।





