
छत्तीसगढ़ में संदिग्ध और अमानक पनीर के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। महासमुंद में कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने भलेसर रोड स्थित ‘वैद्या फूड प्रोडक्ट’ पर औचक छापा मारा। एडीएम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री परिसर से बड़ी मात्रा में संदिग्ध एनालॉग पनीर और कच्ची सामग्री जब्त की गई। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं और परिसर को सील कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान टीम को फैक्ट्री में पनीर के निर्माण और पैकिंग से जुड़ी गतिविधियां मिलीं। अधिकारियों ने मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। शुरुआती जांच में तैयार उत्पाद की छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा तक सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। मध्य प्रदेश से माल मंगाकर री-पैकिंग और सप्लाई किए जाने की सूचना की भी जांच की जा रही है। प्रशासन अब सैंपल रिपोर्ट और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

शिकायतों के बाद कार्रवाई
अमानक और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी जारी रहेगी। एनालॉग पनीर में दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च, प्रोटीन और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह अपने आप में अवैध नहीं है, लेकिन उत्पाद की सही जानकारी और लेबलिंग जरूरी है। वहीं, खराब गुणवत्ता या गलत तरीके से तैयार और स्टोर किए गए खाद्य उत्पाद से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम हो सकते हैं। सैंपल की लैब रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता और नियमों के उल्लंघन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।





