
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। गाजियाबाद, नोएडा और आसपास के इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और हादसों के बीच सहारनपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। गागलहेड़ी क्षेत्र के सैय्यद माजरा गांव में लगातार बारिश के कारण कब्रिस्तान में पानी भर गया और कई जगह मिट्टी धंस गई। इसके चलते कुछ कब्रें क्षतिग्रस्त हो गईं और उनमें दफन कुछ शव कफन सहित दिखाई देने लगे, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण कब्रिस्तान पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने सम्मानपूर्वक दिखाई दे रहे शवों को सुरक्षित स्थान पर रखा। बारिश रुकने के बाद कब्रिस्तान से पानी निकाला गया और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रभावित कब्रों की मरम्मत कर शवों को दोबारा दफनाने की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण कब्रिस्तान में पानी भर गया, जिससे यह स्थिति पैदा हुई। गांव वालों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि हाईवे किनारे बने नालों की सफाई और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। वहीं मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय बना हुआ है और 11 जुलाई को भी कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली चमकने की संभावना है। हालांकि 12 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने का अनुमान जताया गया है।





