
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस का दावा है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मामला 4 जुलाई को सामने आया था, जब बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके से 12 वर्षीय बच्ची लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो कानून के तहत दर्ज किया। इस घटना से इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की।
जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला कि बच्ची को तालाब में फेंके जाने के समय वह जीवित थी, क्योंकि उसके फेफड़ों में पानी मिला है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारण और घटनाक्रम की पुष्टि फॉरेंसिक तथा विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। शुरुआती चरण में दुष्कर्म की धारा नहीं जोड़ी गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बाद में रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी शामिल कर ली गईं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।






