
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सिंधौली थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में हुई एक युवक की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। युवक पर उसकी 17 वर्षीय सौतेली बेटी ने तीन वर्षों तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसकी मां भी आरोपी का साथ देती थी, इसलिए वह किसी से अपनी पीड़ा साझा नहीं कर सकी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कई बार गर्भपात कराने के लिए दवा भी खिलाई, पढ़ाई छुड़वा दी और शादी के बाद भी उसका पीछा नहीं छोड़ा। पीड़िता का आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी में भी आरोपी उसकी ससुराल पहुंच जाता था।

वहीं, युवक के परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मृतक के भाई का कहना है कि सौतेली बेटी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि परिवार में कभी कोई विवाद नहीं था और कुछ महीने पहले उसी बेटी की शादी भी धूमधाम से कराई गई थी। दूसरी ओर, पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पत्नी ने बेटी और दामाद पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया, जिसके बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

करीब तीन घंटे तक चली समझाइश और प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इस दौरान मृतक के एक भाई ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर सिर पर पत्थर मारकर खुद को घायल भी कर लिया। पुलिस के अनुसार, युवक ने कुछ दिन पहले अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था कि उसकी सौतेली बेटी उसे परेशान कर रही है और इस पहलू की भी जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवक को रात 1:40 बजे मृत घोषित किया गया था, जबकि एफआईआर पहले ही दर्ज हो चुकी थी और ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण रिपोर्ट अपलोड होने में समय लगा। फिलहाल दुष्कर्म के आरोपों, पुलिस हिरासत में मौत और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।






