
पटना में साइबर ठगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पटना विश्वविद्यालय की 78 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर ज्योति वर्मा से दो दिनों के भीतर करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सीबीआई और अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी का भय दिखाया और महिला से ऑनलाइन कई खातों में पैसे ट्रांसफर करा लिए।

पीड़िता ने साइबर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि ठगों ने उन्हें घर से बाहर न निकलने के लिए मजबूर किया और फर्जी दस्तावेज दिखाकर लगातार मानसिक दबाव बनाया। इस दौरान रिजर्व बैंक, सुप्रीम कोर्ट, सीबीआई और स्थानीय पुलिस के नाम पर नकली दस्तावेज दिखाकर उन्हें विश्वास में लिया गया और करोड़ों रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और अहमदाबाद के अलग-अलग करंट अकाउंट्स में भेजी गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये खाते निर्माण और ट्रैवल कंपनियों के नाम पर खोले गए थे। साइबर थाना इस अंतरराज्यीय गिरोह की तलाश में जुटा है और मोबाइल नंबरों व बैंक खातों के जरिए आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।





