
नई दिल्ली/चंडीगढ़: सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी नकली दवा बनाने वाले रैकेट की जांच से जुड़े 3 करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी के मामले में की गई है। इस समय गहलावत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में रीजनल डायरेक्टर के पद पर तैनात थे।

आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी के एक व्यापारी को सीबीआई जांच में राहत दिलाने और उसके पक्ष में नतीजा निकलवाने का भरोसा दिया था। इसके बदले में उन्होंने एजेंसी के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा करते हुए मोटी रिश्वत की मांग की थी।
यह पूरा मामला बीते जून महीने में CBI द्वारा अंजाम दिए गए एक गुप्त ट्रैप ऑपरेशन से जुड़ा है। उस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक कथित बिचौलिये राजकुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

इस मामले में गहराई से जांच करते हुए सीबीआई ने पहले ही इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, बिचौलिये राजकुमार और पुडुचेरी के व्यापारी एन. राजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आईफीएस अधिकारी दीपक गहलावत को भी सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।एजेंसी इस रैकेट में शामिल अन्य कड़ियों और भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश करने में जुटी है। जांच एजेंसी इस मामले में रिश्वत के पैसों के लेनदेन (मनी ट्रेल) और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। कोर्ट में पेशी के बाद आगे की रिमांड और पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी






