
दिल्ली/रायपुर : बीजेपी के गलियारों में केंद्र और पार्टी शासित 3 राज्यों में एक बार फिर 5 जुलाई तक मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है|एक जानकारी के मुताबिक,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़,राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की रायशुमारी ने सत्ताधारी दल के विभिन्न गलियारों में हलचल पैदा कर दी है|

आगामी मानसून सत्र और अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए,जहाँ केंद्रीय मंत्रिमंडल में कई अहम बदलाव किए जाने की उम्मीद जाहिर की जा रही है।

वही छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कुछ मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड पर कोई महत्त्वपूर्ण फैसला लिए जाने के आसार भी नज़र आ रहे है| इसमें राजस्थान में कई नए चेहरों की मंत्रिमंडल में एंट्री की चर्चा जोरों पर है |

जबकि छत्तीसगढ़ में 4 से अधिक दिग्गज विधायकों को नई जवाबदारी सौंपने की कवायतें भी जोरों पर बताई जा रही है,इनमें महिला नेत्री और पूर्व मंत्री लता उसेंडी,पूर्व मंत्री क्रमशः राजेश मूणत,अमर अग्रवाल,अजय चंद्राकर और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव सिंह का नाम अव्वल नंबर पर बताया जा रहा है|

यह भी बताया जा रहा है,कि कई मौजूदा मंत्रियों के प्रभार में भी बदलाव किया जा सकता है|इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ”फ्री हैंड” कर दिया गया है| केंद्र और राज्यों में कैबिनेट विस्तार की टाइमिंग को लेकर दो तरह की चर्चाएं सुर्ख़ियों में हैं।

राजनैतिक गलियारों से मिली खबरों के मुताबिक,फेरबदल मानसून सत्र से पहले जुलाई माह में ही हो सकता है।संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई के आसपास शुरू होने की उम्मीद है। वहीं,राज्यों में 5 जुलाई के लगभग बदलाव के आसार जाहिर किए जा रहे है|

सूत्रों का मानना है, कि केंद्र सरकार का पूरा फोकस इस सत्र में ‘वन नेशन वन इलेक्शन और परिसीमन जैसे अहम बिलों को पास कराने पर है। चूंकि राज्यसभा-लोकसभा में सरकार के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है,इसलिए असंतोष से बचने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल को सितंबर-अक्टूबर तक भी टालने पर भी विचार किया जा रहा है।

चर्चा यह भी है,कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भविष्य अधर में है। जबकि,पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं पर फोकस किया है। वर्तमान में 70 से 80 वर्ष की उम्र वाले करीब 8 मंत्रियों की कुर्सी पर सस्पेंस बना हुआ है। उनकी केंद्रीय मंत्रिमंडल से छुट्टी के आसार भी बताए जाते है|

बताया जाता है,कि पीएम मोदी 1 से 3 जुलाई तक जापानी प्रधानमंत्री के दौरे में व्यस्त रहेंगे| 4 जुलाई को राजस्थान और 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के दौरे को हरी झंडी दे दी गई है| ऐसे में मानसून सत्र से पहले सिर्फ 5 जुलाई के दिन ही पीएम के लिए शेष तिथि गिनी जा रही है। बताया जा रहा है,कि इस तिथि पर पीएम उन राज्यों का आकस्मिक दौरा भी कर सकते है,जहाँ मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें जाहिर की जा रही है |

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक,छत्तीसगढ़ में बदलाव को लेकर मंत्रियों के कामकाज,पब्लिक परफॉर्मेंस को मुख्य आधार बनाया गया है | उनके मुताबिक,पार्टी ने इस संबंध में 21 मई को समीक्षा बैठक की थी|

सूत्रों द्वारा बताया जाता है,कि इस राज्य में कुछ मंत्रियों की कुर्सी जाने के अन्य गंभीर कारण भी है,सरकारी अभिकरणों और निगम मंडलों में प्रदेश में कार्यरत कुछ पूर्व नौकरशाहों को भी बीजेपी सरकार में अहम जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हालिया दिनों में लगातार 3 बार रायपुर से दिल्ली की यात्रा कर चुके है|

हालांकि,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्री मंडल विस्तार से जुड़ी ख़बरों को सिर्फ़ अटकलें ही करार दिया है।मुख्यमंत्री साय ने बदलाव के कोई संकेत अभी तक नहीं दिए हैं,अलबत्ता कई मौकों पर मुख्यमंत्री ने मंत्री मंडल विस्तार को लेकर पूछे गए पत्रकारो के सवालों को चुटकी लेते हुए टालने में ही जोर दिया है, लेकिन इस बार दावा किया जा रहा है कि आने वाले चंद दिनों के भीतर बीजेपी सरकार का कयाकल्प हो कर रहेगा,तैयारियाँ पूरी कर ली गई है।

इस दौरान केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री की विभिन्न दौर की चर्चाओं में राज्य में बदलाव की रूप-रेखा को अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी भी मिली है| बीजेपी सूत्रों की माने तो,छत्तीसगढ़ में जिन मंत्रियों की विदाई की बेला करीब बताई जाती है,उन्हें संगठन के फैसलों से अवगत करा दिया गया है|फ़िलहाल देखना गौरतलब होगा, कि ऊँट किस करवट बैठता है|




