Nice [France], Jun 14 (ANI): Prime Minister Narendra Modi greets during the inauguration of the 'Bharat Innovates' event, in Nice on Sunday. (DD/ANI Video Grab)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सफलता और सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, “धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं, इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।”
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया संस्कृत श्लोक:
“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।
वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”
हिंदी अर्थ:
किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविचारित कार्य बड़ी विपत्तियों को आमंत्रित करता है। वहीं, जो व्यक्ति अच्छी तरह सोच-विचार कर काम करता है, लक्ष्मी स्वयं ढूंढते हुए उसका चुनाव करती हैं।
हालिया सुभाषित श्रृंखला
बताना चाहेंगे यह प्रधानमंत्री मोदी की सुभाषित साझा करने की लगातार श्रृंखला का हिस्सा है।
– इससे पहले 15 जून को पीएम मोदी ने विविधता और नवाचार पर जोर देते हुए लिखा था- “हर मिट्टी के ढेले में अलग सोच; हर जलाशय में ताजा पानी। हर जन्म में नई खोजें; हर मुंह में नई बोली होती है।” उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की सोच और सर्जनात्मकता अलग-अलग होती है और यही विविधता नई संभावनाओं को जन्म देती है।
– 12 जून को उन्होंने नारी शक्ति को समर्पित एक श्लोक साझा किया था- “नारी त्रैलोक्यजननी नारी त्रैलोक्यरूपिणी। नारी त्रिभुवनाधारा, नारी शक्तिस्वरूपिणी॥” जिसमें नारी को तीनों लोकों की जननी, आधार और शक्ति बताया गया था।
ग़ौरतलब हो, प्रधानमंत्री मोदी नियमित रूप से प्रेरणादायक श्लोक, संदेश और विचारों को ‘X’ पर साझा करते रहते हैं, जो देशवासियों खासकर युवाओं को प्रेरित करते हैं।





