
रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भरी दोपहरी में आसमान पर उड़ान भर रहे है| मुख्यमंत्री का उड़नखटोला लगभग 45 डिग्री तापमान के बीच गांव-कस्बों का रुख़ कर रहा है|

ऐसे इलाकों में मुख्यमंत्री साय अपनी सरकार की गतिविधियों का ना केवल जायज़ा ले रहे है,बल्कि सिस्टम की नब्ज़ भी टटोल रहे है| उनका यह दौरा इसलिए महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि मुख्यमंत्री साय कई बड़ी समस्याओं का ना केवल मौके पर ही निराकरण कर रहे है,बल्कि करोड़ों की सौगातें गांव-कस्बों को प्रदान कर रहे है| राज्य सरकार ने ”सुशासन तिहार” को धरातल पर उतार दिया है|

इसके तहत सरकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ख़ुद मोर्चा संभाल लिया है| राज्य में भीषण गर्मी का दौर जारी है,इसके चलते आम आदमी की तर्ज पर मुख्यमंत्री साय भी तेज़ धूप,लू के थपेड़ों और ख़राब मौसम का सामना करते हुए आसमानी उड़ान पर है| मुख्यमंत्री का उड़नखटोला जिस इलाके में दस्तक़ दे रहा है,वहां विकास की नई सौंगाते भी सौंपी जा रही है |

कई इलाकों में तो मुख्यमंत्री साय ने करोड़ों की योजनाओं को ग्रामीणों को भेंट किया है| इसमें बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतें शामिल है| मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की कामयाबी के लिए अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है| गांव-गांव में महिलाओं की आर्थिक स्थिति का आंकलन करने के बाद मुख्यमंत्री साय हितग्राही महिलाओं का फीडबैक लेना नहीं भूल रहे है,ताकि अंतिम छोर के बसे गांव के लोग भी लाभांवित हो सके|

कई इलाकों में मुख्यमंत्री को अपने बीच पा कर ग्रामीणों की बांछे खिल गई है| इन इलाकों में परंपरागत ढंग से मुख्यमंत्री का “स्वागत-सत्कार” किया जा रहा है| खास बात यह है,कि सुशासन तिहार की बेला में विभिन्न सरकारी महकमों के आलाधिकारी भी मुख्यमंत्री साय के साथ कदम ताल कर रहे है| उनकी उपस्थिति से ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मुहैया हो रहा है|

मई की भीषण गर्मी के बीच इस बार छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक नई पहल देखने को मिल रही है। अब लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके गांव और मोहल्लों तक पहुंचेगा। इसी उद्देश्य के साथ “सुशासन तिहार 2026” अभियान की शुरुआत की गई है। 1 मई से 10 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के माध्यम से सरकार प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रही है ।

इस अभियान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर जिला प्रशासन तक के अधिकारी सक्रिय रूप से भाग ले रहे है। होम विजिट और समाधान शिविरों के जरिए लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुना जा रहा और त्वरित समाधान की प्रक्रिया भी वहीं पूरी की जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है,कि किसी भी प्रशासन की असली पहचान समय पर समस्या समाधान से होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी कलेक्टरों को पहले ही निर्देश दिए गए है,इसमें नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों के साथ मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को शामिल है।

अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर समाधान शिविर आयोजित किया जा रहा है । इन शिविरों में केवल आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी तुरंत प्रदान किया जा रहा है । साथ ही हर आवेदन का अधिकतम एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पहल को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी भी तय है। मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ रही है। “सुशासन तिहार” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन को जनता के और करीब लाने की एक बड़ी पहल है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े, बल्कि सरकार स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे और तय समय सीमा में उनकी समस्याओं का समाधान करना ।





