
नई दिल्ली/रायपुर : वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद,अपने पारिवारिक संपत्ति का 75% हिस्सा लगभग 21 हज़ार करोड़ (₹21,000) से अधिक की रकम सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी| उनका ये ऐतिहासिक संकल्प सुर्ख़ियों में है | यह दान शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के पोषण के क्षेत्र में उपयोग किया जाएगा, जिसे भारतीय परोपकारी इतिहास में सबसे बड़े दानों में से एक माना जाता है। इस बीच छत्तीसगढ़ के चांपा जिले के डबरा थाने में उद्योगपति अनिल अग्रवाल समेत वेदांता कंपनी के 8 अधिकारियों के ख़िलाफ़ गैर इरादतन हत्या का मुक़दमा दर्ज़ किया गया है| प्राथमिक रिपोर्ट में कंपनी प्रबंधन की भारी लापरवाही सामने आई है|

दावा किया जा रहा है,कि प्रोडक्शन बढ़ाने के चक्कर में सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ किया गया था| यही नहीं,सुरक्षा को लेकर कोई भी मानक प्रबंध नहीं किए गए थे| उद्योगपति अनिल अग्रवाल का दान-पुण्य की चर्चा के साथ इलाके में वेदांता मैनेजमेंट की काली-करतूतों की चर्चा लोगों की जुबान पर है| कहा जा रहा है,कि लोक कल्याण में सैंकड़ो करोड़ ख़र्च करने वाले उद्योगपति अनिल अग्रवाल को उनके ही मैनेजमेंट के नक्कारा अधिकारियों ने बुरी तरह से फंसा दिया है|

उधर,छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए एक दर्दनाक हादसे ने उद्योग जगत और शेयर बाजार दोनों को हिला कर रख दिया है। अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता के पावर प्लांट में बॉयलर फटने की घटना के बाद अब उनके खिलाफ एफआईआर (FIR against Vedanta chairman Anil Agarwal) दर्ज की गई है। इस घटना में अब तक 23 कर्मियों की मौत हो चुकी है,जबकि,कई गंभीर रूप से घायल है|उद्योगपति अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की खबर का अब सीधा असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है,शेयरों में गिरावट दर्ज की गई है। उद्योगपति अनिल अग्रवाल कंपनी के ब्रांड माने जाते है,लिहाज़ा FIR का असर शेयरों पर देखा गया है।

जानकारी के मुताबिक,14 अप्रैल 2026 को सक्ती जिले के सिंघीतराई गांव स्थित वेदांता के पावर प्लांट (boiler blast at the Vedanta power plant) में बड़ा हादसा हुआ था। प्लांट में लगे बॉयलर से टरबाइन तक जाने वाली हाई-प्रेशर स्टीम पाइप अचानक फट गई थी। इस विस्फोट में 23 मजदूरों की जान चली गई, जबकि 16 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जाते है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है | पुलिस ने अनिल अग्रवाल समेत कंपनी के लगभग 8 अधिकारियों समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें कंपनी मैनेजर देवेंद्र पटेल का नाम भी शामिल है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मौत), 289 (मशीनरी के प्रति लापरवाही) और 3(5) (सामूहिक मंशा) के तहत दर्ज की गई है। जांच में अगर और लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके नाम भी जोड़े जा सकते हैं |

इस खबर के सामने आते ही वेदांता के शेयर धड़ाम से गिर पड़े |Vedanta Share Price में गिरावट देखी गई। आज शनिवार को कंपनी का शेयर लगभग 1.39% गिरकर 771.85 रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। हालांकि, इससे पहले दो दिनों तक वेदांता के शेयर में बढ़त देखी गई थी | लेकिन एक दिन बाद एफआईआर दर्ज होने की खबर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।वेदांता ने पहले ही स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देते हुए कहा था, कि वह घायलों को हर संभव मदद दे रही है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जांच कर रही है।

कंपनी ने यह भी कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।बावजूद इसके कंपनी के शेयर में गिरावट दर्ज की गई है| यह भी बताया जाता है,कि दिल्ली से औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी एक टीम जाँच के लिए चांपा भेजी गई है| जबकि,स्थानीय जाँच दलों ने प्राथमिक रिपोर्ट में भारी लापरवाही बरते जाने का हवाला दिया है| फ़िलहाल,वेदांता का शेयर मार्केट में गोते लगाते देखा जा रहा है |





