
ओडिशा। महानदी जल विवाद के समाधान का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। ट्रिब्यूनल में हुई सुनवाई के दौरान दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से विवाद के समाधान की इच्छा जताई है। ओडिशा सरकार के प्रस्ताव पर छत्तीसगढ़ ने भी अपनी सहमति दे दी है। शनिवार को महानदी जल विवाद मामले की सुनवाई ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता में हुई। सुनवाई के बाद ओडिशा के एडवोकेट जनरल पीतांबर आचार्य ने जानकारी दी कि दोनों राज्यों ने आपसी बातचीत के माध्यम से विवाद का स्थायी समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की है।
ट्रिब्यूनल के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया कि वह ओडिशा के साथ संवाद और आपसी चर्चा के जरिए इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का स्थायी समाधान चाहती है। दोनों राज्यों के बीच हुई इस सकारात्मक चर्चा और सहमति को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने छत्तीसगढ़ सरकार से एक लिखित आश्वासन प्रस्तुत करने को कहा है। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले यह लिखित प्रतिबद्धता अदालत में दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की गई है।






