
जून 2026 में देश की थोक महंगाई (डब्ल्यूपीआई) बढ़कर 9.87% हो गई, जो मई में 9.68% थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, जून में सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष 2022-23) बढ़कर 110.2 हो गया, जबकि मई में यह 109.9 था। महंगाई बढ़ने में ईंधन एवं ऊर्जा, खाद्य वस्तुओं, खनिज तेलों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों का प्रमुख योगदान रहा।
ईंधन और खाद्य समूहों में तेज बढ़ोतरी
जून 2026 में प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई 7.0%, ईंधन एवं ऊर्जा समूह की 27.41% और विनिर्मित उत्पादों की 7.48% रही। मई में ये दरें क्रमशः 4.99%, 30.33% और 7.48% थीं। प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक बढ़कर 116.1, ईंधन एवं ऊर्जा का 111.1 और विनिर्मित उत्पादों का 107.8 दर्ज किया गया।
खाद्य महंगाई में भी तेजी
थोक मूल्य सूचकांक के खाद्य वर्ग में जून 2026 के दौरान महंगाई बढ़कर 6.14% हो गई, जबकि मई में यह 4.49% थी। खाद्य सूचकांक में प्राथमिक समूह की खाद्य सामग्री और विनिर्मित उत्पाद समूह के खाद्य उत्पाद शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, खाद्य कीमतों में वृद्धि ने कुल थोक महंगाई पर अतिरिक्त दबाव डाला।
खनिज तेल और धातु बने प्रमुख कारण
जून के दौरान थोक महंगाई बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में खनिज तेल (पेट्रोलियम उत्पाद), खाद्य सामग्री, मूलभूत धातुओं से बने उत्पाद तथा रसायन एवं रासायनिक उत्पाद शामिल रहे। इन श्रेणियों में कीमतों में बढ़ोतरी का असर समग्र थोक मूल्य सूचकांक पर दिखाई दिया।
अप्रैल के आंकड़ों में संशोधन
मंत्रालय ने अप्रैल 2026 के अंतिम आंकड़ों में संशोधन करते हुए थोक मूल्य सूचकांक 108.8 से बढ़ाकर 108.9 कर दिया है। इसके साथ अप्रैल की थोक महंगाई दर भी 8.26% के अनंतिम अनुमान से बढ़ाकर 8.36% कर दी गई। अप्रैल के अंतिम आंकड़े 97.5% वेटेड रिस्पॉन्स रेट पर आधारित हैं, जबकि जून के अनंतिम आंकड़े 82.6% वेटेड रिस्पॉन्स रेट के आधार पर तैयार किए गए हैं।
अगले आंकड़े 14 अगस्त को होंगे जारी
मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2026 के थोक मूल्य सूचकांक, आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (ओपीपीआई) और ट्रायल इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (आईपीपीआई) के अनंतिम आंकड़े 14 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे।







