Varanasi: PM Modi offers prayers at Kashi Vishwanath Temple
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे सद्गुण जीवन में सफलता का प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि इन गुणों से समृद्ध व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना कर सफलता प्राप्त कर सकता है।
संस्कृत श्लोक के माध्यम से दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता जैसे सद्गुण जीवन में सफलता का प्रमुख आधार हैं। इनसे समृद्ध व्यक्ति कठिन से कठिन चुनौतियों में भी विजयी होता है।” इसके साथ उन्होंने संस्कृत का श्लोक साझा किया:- “शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी। कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”
छह गुणों को बताया सफलता की कुंजी
इस श्लोक का हिंदी अर्थ बताते हुए कहा गया है कि विषय का प्रामाणिक ज्ञान, स्वाभाविक विवेकशीलता, निर्भीक आत्मविश्वास, अभ्यास से परिष्कृत ओजस्वी वाणी, समय की मांग को पहचानने वाली दूरदर्शिता और नित्य नवीन सूझबूझ जैसे छह गुण व्यक्ति के हर पुरुषार्थ में ‘कामधेनु’ के समान सिद्ध होते हैं। ये गुण जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक बनते हैं।
एक दिन पहले सत्य, त्याग और कर्म का दिया था संदेश
प्रधानमंत्री ने 18 जून को भी एक संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने लिखा था:- “सत्यानुसारिणी लक्ष्मीः कीर्तिस्त्यागानुसारिणी। अभ्याससारिणी विद्या बुद्धिः कर्मानुसारिणी।।” इसका हिंदी अर्थ है कि धन सत्यनिष्ठा का अनुसरण करता है, यश परोपकार का अनुसरण करता है, ज्ञान अभ्यास का अनुसरण करता है और बुद्धि कर्म का अनुसरण करती है।
सम्मान से बढ़ता है आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जून को साझा किए गए एक अन्य सुभाषित में सम्मान और स्वीकार्यता के महत्व पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है और नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने संस्कृत श्लोक साझा किया था:- “त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्। प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।”
श्रेष्ठजनों का सम्मान जगाता है आत्मविश्वास
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा आदरपूर्वक स्वीकार किए जाने पर मनुष्य स्वयं को गौरवान्वित और धन्य महसूस करता है। श्रेष्ठ व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान व्यक्ति के भीतर उसके अपने गुणों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करता है तथा आत्मविश्वास को दृढ़ बनाता है।




