उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने श्री विजयपुरम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर ‘हर घर तिरंगा अभियान’ शुरू किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के अंतर्गत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी श्री विजयपुरम स्थित फ्लैग पॉइंट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति ने डॉ. बी. आर. आंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान के सभागार में आयोजित राजकीय समारोह ‘वंदे मातरम पर तिरंगा संगीत कार्यक्रम’ में भी भाग लिया।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के गौरवशाली इतिहास को स्‍मरण किया। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जहां स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए भीषण यातनाएं और अकल्पनीय कष्ट सहे। सेलुलर जेल के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए श्री राधाकृष्णन ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और योगदानों को नमन किया। उन्होंने 30 दिसंबर 1943 के उस ऐतिहासिक दिन को भी स्‍मरण किया, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने पोर्ट ब्लेयर में तिरंगा फहराया था।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब भी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का जिक्र होता है, तो न केवल उनकी प्राकृतिक सुंदरता और हरी-भरी हरियाली याद आती है, बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा यहां पहली बार तिरंगा फहराने से जुड़ी देशभक्ति की भावना भी याद आती है।

वंदे मातरम के महत्व का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस गीत ने लोगों में राष्ट्रवाद और एकता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को भारत की विविधता और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने देश के विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री राधाकृष्णन दो दिवसीय अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा पर हैं। उन्होंने कल राष्ट्रीय स्मारक सेलुलर जेल का दौरा किया और वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वीर सावरकर की कोठरी का भी दौरा किया और सेलुलर जेल में आयोजित लाइट एंड साउंड शो देखा।

About The Author