
सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जनकल्याण शिविरों के माध्यम से शासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान रविवार को मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर और भैरूंदा में आयोजित जनकल्याण शिविर को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा भी मौजूद रहे। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने शिविर में जन चौपाल आयोजित कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने शिविर निरीक्षण कर हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शिविर लगाकर नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसानों को इसकी कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से सॉइल हेल्थ कार्ड बनवाने और मिट्टी में जिन तत्वों की कमी हो, उसी के अनुसार खाद का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर सड़कों के माध्यम से गांवों में विकास की धारा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
उन्हाेंने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कहा कि इस योजना में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि आवास योजना के लिए सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है और अब पात्रता का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिले में लगभग 21 हजार लोगों का सर्वे किया गया है। सरकार का प्रयास है कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, उन्हें योजना का लाभ मिले और कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित न रहे।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना के साथ कार्य कर रही है। शासन की मंशा है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि उन्हें एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं और योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। जनकल्याण शिविर इसी सोच का परिणाम हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण सुनिश्चित करें। जनता की समस्याओं का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।



