
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक कीमतों में तेजी के बावजूद सरकार ने किसानों को दो सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले उर्वरकों – यूरिया और डीएपी सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया है।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद सरकार ने ”नागरिक देवो भव” के मंत्र के साथ काम किया है और एक के बाद एक कदम उठाए हैं। पीएम मोदी ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि यह समस्या (पश्चिम एशिया संकट) पैदा होगी। लेकिन संकट के इस दौर में इन सभी प्रयासों ने बोझ कम करने में मदद की है। आज हमारे देश में गैस, पेट्रोल और यूरिया उपलब्ध हैं।”
उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवधानों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है, और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के बावजूद सरकार ने यूरिया और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) की उपलब्धता सुनिश्चित की है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ”वैश्विक स्तर पर यूरिया की कीमत 3,000 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई, लेकिन हमने किसानों पर यह बोझ नहीं पड़ने दिया। सरकार इस लागत को वहन कर रही है। विश्व स्तर पर 3,000 रुपये प्रति बोरी की लागत वाला यूरिया हमारे किसानों को 300 रुपये में दिया जा रहा है।”
पीएम मोदी ने कहा, ”इसके अलावा डीएपी की वैश्विक कीमत बढ़कर 5,000 रुपये प्रति बोरी हो गई है, लेकिन हम इसे किसानों को 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर से दे रहे हैं।” उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के तहत आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने की आवश्यकता को भी दोहराया।




