WASHINGTON, DC - MARCH 26: U.S. President Donald Trump speaks during a Cabinet meeting in the Cabinet Room of the White House on March 26, 2026 in Washington, DC. This is Trump's second Cabinet meeting of 2026 and the first since the United States and Israel began attacking Iran on February 28. (Photo by Chip Somodevilla/Getty Images)
होर्मुज स्ट्रेट में एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है। ताजा मामले में ईरान ने अमेरिका के डिस्ट्रॉयर्स पर हमले किए। इस बात की पुष्टि खुद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की। वहीं ईरान को जल्दी से डील पर हस्ताक्षर करने की चेतावनी भी दी है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “तीन वर्ल्ड क्लास अमेरिकी डिस्ट्रॉयर्स अभी-अभी, बहुत कामयाबी से, होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकले, जहां फायरिंग हो रही थी। तीन डिस्ट्रॉयर्स को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ईरानी हमलावरों को बहुत नुकसान हुआ। वे कई छोटी नावों के साथ पूरी तरह से तबाह हो गए, जिनका इस्तेमाल उनकी पूरी तरह से खत्म हो चुकी नेवी की जगह लेने के लिए किया जा रहा है। ये नावें समुद्र की गहराई में चली गईं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी हमले की पुष्टि करते हुए आगे लिखा कि हमारे डिस्ट्रॉयर्स पर मिसाइलें दागी गईं और उन्हें आसानी से गिरा दिया गया। इसी तरह, ड्रोन आए और हवा में ही जलकर राख हो गए। ट्रंप ने आगे कहा कि हमने उन्हें बहुत अच्छे से पूरी सटीकता के साथ मार गिराया और वे समुद्र में उसी तरह गिरे, मानों कोई तितली अपनी कब्र में गिर रही है! एक आम देश इन डिस्ट्रॉयर्स को जाने देता, लेकिन ईरान कोई आम देश नहीं है।
ईरानी नेतृत्व को चेतावनी देते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्हें पागल लोग लीड कर रहे हैं और अगर उन्हें न्यूक्लियर हथियार के इस्तेमाल करने का मौका मिलता, तो वे बिना किसी सवाल के करते, लेकिन उन्हें वह मौका कभी नहीं मिलेगा और जैसे हमने आज उन्हें फिर से हरा दिया, वैसे ही हम उन्हें भविष्य में और भी ज्यादा हिंसक तरीके से हरा देंगे अगर उन्होंने अपनी डील पर जल्दी हस्ताक्षर नहीं किया! हमारे तीन डिस्ट्रॉयर्स, अपने शानदार क्रू के साथ, अब हमारे नेवल ब्लॉकेड में फिर से शामिल होंगे, जो सच में एक वॉल ऑफ स्टील है।”
बता दें, “वॉल ऑफ स्टील” का मतलब मुख्य रूप से एक मेटाफोरिकल या फिजिकल बैरियर होता है जिसे बहुत ज्यादा बचाव के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर मिलिट्री ब्लॉकेड के लिए किया जाता है, जैसे कि होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नेवी ऑपरेशन।
ट्रंप का यह बयान यूएस सेंट्रल कमांड के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना ने ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमला किया है, जो स्ट्रेट से गुजर रहे अमेरिकी जंगी जहाजों पर बिना उकसावे के मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमला करने के लिए जिम्मेदार थे।
इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि एयर डिफेंस सिस्टम अभी मिसाइल के खतरे का जवाब दे रहे हैं। इसमें कहा गया है, “कृपया सुरक्षित जगह पर रहें और चेतावनी और अपडेट के लिए आधिकारिक चैनल फॉलो करें।”






