
नई दिल्ली : लोकसभा से बड़ी खबर सामने आ रही है। सदन में विपक्ष के 8 सांसदों का निलंबन रद्द हो गया है। संसद के बजट सत्र के पहले फेज में इन लोकसभा सांसदों को सदन की अवमानना के मामले में निलंबित कर दिया गया था। निलंबित होने वाले सांसदों में 7 कांग्रेस के और 1 माकपा से हैं।

किन सांसदों का निलंबन रद्द हुआ?
लोकसभा से जिन विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द किया गया है उनमें कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस वेंकटेशन शामिल हैं।लोकसभा से निलंबित किए जाने के बाद से ये सांसद कार्यवाही वाले दिन संसद के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे।जानकारी के मुताबिक, सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं के साथ एक बैठक की। इस बैठक में ही 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन को वापस लेने पर सहमति बनी। सदन में कांग्रेस के मुख्य सचेतक ने आसन से सांसदों के निलंबन को रद्द करने का अनुरोध किया और विपक्षी सदस्यों के आचरण पर खेद भी जताया है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में विपक्षी सांसदों के निलंबन को खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
क्यों हुआ था एक्शन?
विपक्षी दलों के इन 8 सांसदों पर लोकसभा में बीते 3 फरवरी को एक्शन लिया गया था। सांसदों ने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान आसन की ओर कागज फेंका था। सदन की अवमानना के इस मामले में इन सांसदों को बजट सत्र के बाकी समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।




