मजबूत राजकोषीय स्थिति से आरबीआई को मिली नीतिगत गुंजाइश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत की मजबूत राजकोषीय स्थिति और ठोस विदेशी मुद्रा भंडार भारतीय रिजर्व बैंक को अधिक नीतिगत लचीलापन प्रदान करते हैं।

राजकोषीय अनुशासन के दिख रहे सकारात्मक परिणाम

राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह में वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक के राजकोषीय अनुशासन के चलते अब सरकार के पास पूंजीगत व्यय बनाए रखने, आरबीआई के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना और प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित सहायता देने की पर्याप्त गुंजाइश है।

मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले अहम बयान

सीतारमण का यह बयान आरबीआई की आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले आया है, जिसकी घोषणा बुधवार को की जानी है।

ऋण-से-जीडीपी अनुपात वैश्विक स्तर पर बेहतर

उन्होंने कहा कि भारत का ऋण-से-जीडीपी अनुपात वैश्विक स्तर पर अपेक्षाकृत कम है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार 2030 तक इसमें और गिरावट आने की संभावना है।

विदेशी मुद्रा भंडार से मजबूत सुरक्षा कवच

वित्त मंत्री ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार देश के आयात को लगभग 11 महीनों तक वित्तपोषित करने में सक्षम है, जो बाहरी आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है।

महंगाई और वैश्विक संकट पर चिंता

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष एक ‘प्रणालीगत झटका’ बनकर उभरा है, जिससे वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और मुद्रा पर दबाव से महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है।

सरकारी कदमों से उपभोक्ताओं को राहत

सीतारमण ने कहा कि समझदारी भरे राजकोषीय प्रबंधन के चलते सरकार पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम उठा पाई, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।

उधारी कार्यक्रम में कमी से बढ़ेगी लिक्विडिटी

सरकार ने उधारी कार्यक्रम को 17.2 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 16.09 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इससे बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहेगी और निवेश व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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