
दो दिवसीय दौरे पर दक्षिण कोरिया पहुंचे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि हाल में हुई उच्चस्तरीय बैठकों और राष्ट्रपति स्तर की यात्रा के बाद भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी को नई दिशा मिली है और वैश्विक परिस्थितियों में इसका महत्व और बढ़ गया है।
द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर ने कहा कि चो ह्यून के पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं की मुलाकात न्यूयॉर्क, कुआलालंपुर, वाशिंगटन, जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक और हाल ही में राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रियों के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वे दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाएं और विभिन्न सरकारी तथा आर्थिक क्षेत्रों के बीच सहयोग को बेहतर ढंग से समन्वित करें।
समान मूल्यों वाले देशों के बीच सहयोग जरूरी
जयशंकर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में समान विचारधारा, साझा मूल्यों और आपसी विश्वास रखने वाले देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध इसी मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।
उच्चस्तरीय बैठकों से मिली नई गति
विदेश मंत्री ने कहा कि हाल के महीनों में हुई उच्चस्तरीय बैठकों, राष्ट्रपति यात्रा और जी7 जैसे मंचों पर हुई चर्चाओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए स्पष्ट दिशा प्रदान की है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश इन अवसरों का लाभ उठाकर संबंधों की पूरी क्षमता को साकार करेंगे।
चो ह्यून की प्रतिबद्धता की सराहना
जयशंकर ने चो ह्यून की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने शुरू से ही भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को मजबूत करने की स्पष्ट इच्छा दिखाई है और भारत भी इस रिश्ते को समान महत्व देता है। उन्होंने भविष्य में और अधिक सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चाओं की उम्मीद जताई।
रिश्तों की पूरी क्षमता को साकार करने का भरोसा
भारत की ओर से जयशंकर ने आश्वासन दिया कि दोनों देशों के संबंधों की पूरी संभावनाओं को साकार करने के लिए ठोस और व्यावहारिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में काम जारी रहेगा।




