
हैदराबाद : सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर एक महिला को कथित तौर पर परेशान करने और उसकी छवि खराब करने के मामले में हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी Instagram अकाउंट बनाया और महिला के खिलाफ भड़काऊ, मानहानिकारक और यौन रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट कीं। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक, मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया, जब एक Instagram चैनल पर एक महिला से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया गया था। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर फर्जी Instagram प्रोफाइल तैयार की। इसके बाद उसने वीडियो के कमेंट सेक्शन में महिला के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करना शुरू कर दिया।
महिला की छवि खराब करने का आरोप
शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि फर्जी अकाउंट के जरिए लगातार ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिनसे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान उजागर करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस की जांच की। पुलिस का दावा है कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
हैदराबाद साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसके बाद आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन जब्त किया है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच में मोबाइल से मिले डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी Instagram अकाउंट का इस्तेमाल कितने समय से किया जा रहा था और आरोपी ने महिला के खिलाफ कितनी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की। साथ ही, मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को दी सलाह
इस कार्रवाई के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर होने वाले ऑनलाइन उत्पीड़न को हल्के में नहीं लेने की अपील की है। पुलिस ने सलाह दी है कि अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट या कमेंट किए जाते हैं, तो संबंधित पोस्ट, प्रोफाइल लिंक, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए।पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन अपराध के मामलों में डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए पीड़ितों को आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत डिलीट करने के बजाय उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखना चाहिए और साइबर क्राइम पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिए।फर्जी पहचान के पीछे छिपकर सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की गरिमा और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश अब पुलिस की साइबर निगरानी से बचना आसान नहीं है। हैदराबाद की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक अहम उदाहरण मानी जा रही है।




