
बिलासपुर : रक्षाबंधन की रा त दो पक्षों के बीच सामने आया वाद-विवाद अब थमता नजर आ रहा है |हालात तनावपूर्ण तो है,लेकिन नियंत्रण में है | बिलासपुर में पुलिस ने आज सड़कों पर उतर कर हालात का जायज़ा लिया और पथराव में उतारूं,बावलियों की ख़ोजबीन शुरू कर दी है | बीती रात,यहाँ जमकर पथराव हुआ, सड़कों पर तोड़-फोड़ भी की गई,वारदात धीरे-धीरे सांप्रदायिक रंग भी लेने लगी थी |बिलासपुर में रक्षाबंधन की रात दो पक्षों के बीच सामने आई पथराव की घटना के बाद पुलिस और प्रशासन का गश्ती दल आज सुबह-सुबह सड़कों पर नजर आया | उसने उन इलाको में गश्त किया,जहाँ बीती रात जमकर बवाल कटा था | पुलिस के मोर्चा संभाले जाने के बाद हालात,अब सुधरते जा रहे है |

इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए है, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण,लेकिन नियंत्रण में बताई जाती है | जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर में शुक्रवार रात देखते ही देखते इलाके में दो पक्ष उस वक्त आमने-सामने आ गए,जब रक्षाबंधन का पर्व परंपरागत ढंग से मनाया जा रहा था | इस दौरान,मसानगंज-खपरगंज इलाके में सड़कों पर बैठी गाय को लेकर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट किए जाने को लेकर तनाव फ़ैल गया | दोनो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने,सांप्रदायिक रंग लेना शुरू कर दिया | विवाद इतना बढ़ा की,पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा भी शुरू हो गई | एक पक्ष ने सिटी कोतवाली को घेर लिया,जबकि दूसरा पक्ष भी आमने-सामने नजर आया | हालात को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ-साथ अश्रु गैस के गोले छोड़ने पड़े| उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर भी हमला करने में देरी नहीं की | इस घटना में आम नागरिको के अलावा कई पुलिस कर्मियों को भी गंभीर चोटे आई है |

उधर,हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है | डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेश के मुताबिक, सिटी कोतवाली क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, चाकू, लाठी, भाला समेत अन्य हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा. शासकीय ड्यूटी पर तैनात कर्मियों, लाठी के सहारे चलने वाले वृद्ध-दिव्यांग और धार्मिक परंपरा के तहत कृपाण रखने वालों को छूट दी गई है. बिना अनुमति सभा, रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और हड़ताल पर रोक रहेगी. किसी स्थान पर 4 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध रहेगा. हालांकि परिवार के सदस्यों के सामान्य आवागमन पर यह लागू नहीं होगा. किसी भी धार्मिक और राजनैतिक आयोजन के लिए एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है | आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी. इधर,पुलिस ने उपद्रवियों पर लगाम कसना शुरू कर दिया है | सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़, सड़क जाम कर दहशत फैलाने वाले तत्वों की पहचान शुरू कर दी गई है | पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक कर युवकों को समझाइश देकर माहौल को नियंत्रित किया जा रहा है. फिलहाल शहर शांत है, लेकिन पुलिस की जांच बताएं कि इस बवाल के पीछे कौन था और आखिर किसने बिलासपुर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश की।






