
भोपाल : चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस जांच अब और तेज हो गई है। मामले में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को पूछताछ के लिए तीसरी बार नोटिस भेजा गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि लगातार समन जारी होने के बावजूद अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है, जिसके चलते अब कानूनी कार्रवाई और सख्त हो सकती है। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने साफ कहा है कि यदि जांच में सहयोग नहीं किया गया तो पुलिस अदालत से अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग कर सकती है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति का पद या प्रभाव बाधा नहीं बनेगा और कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।

यह मामला 12 मई 2026 को सामने आया था, जब कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को लेकर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।मामले में गिरिबाला सिंह को पहले ही अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि उनके बेटे और पेशे से वकील समर्थ सिंह को कोर्ट से राहत नहीं मिली। 18 मई को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद से समर्थ सिंह फरार बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश में पुलिस की छह टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया है। पहले घोषित 10 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर अब 30 हजार रुपये कर दिया गया है।

ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उन्हें लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि ट्विशा पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता था। जांच एजेंसियों के पास कुछ व्हाट्सएप चैट भी पहुंची हैं, जिनमें ट्विशा ने अपनी मां से मदद मांगी थी। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। वह मॉडलिंग के साथ मार्केटिंग क्षेत्र में भी काम कर चुकी थीं। अब परिवार इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।



