
दिल्ली/रायपुर: कांग्रेस अलाकमान ने आख़िरकार भू-PAY बघेल को पंजाब प्रभारी पद से हटा दिया है,उनके स्थान पर सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया है। जबकि सुखदेव भगत को पायलट के स्थान पर छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया गया है। पंजाब से बघेल की विदाई के बाद कांग्रेस में उत्साह की लहर दौड़ गई है,राज्य के कई नेताओं ने इस बदलाव के लिए कांग्रेस आलाकमान के प्रति आभार जताया है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री को पंजाब में एक बड़ी पनौती के तौर पर देखा जा रहा था। छत्तीसगढ़ में कई बड़े घोटालों में बघेल की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके ख़िलाफ़ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जाँच जारी है । इनमें से एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल को जेल की हवा खानी पड़ी थी । हालाकि कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने चैतन्य बघेल को जमानत पर रिहा कर दिया था।

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल भी 15 हज़ार करोड़ के महादेव ऐप सट्टा घोटाले में मुख्य आरोपित सटोरियों में से एक बताए जाते हैं । उनके ख़िलाफ़ राज्य के एसीबी ईओ डबल्यू में नामज़द FIR दर्ज है । दिल्ली से बड़े 3500 करोड़ के शराब घोटाले में भी बघेल का हाथ बताया जाता है । ईडी मामले की जाँच में जुटी है,बघेल गिरोह के कई सदस्यों को भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जेल की हवा खानी पड़ी थी।

बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के काले कारनामों के कारण पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई लगातार कमजोर पड़ रही थी।

सूत्र यह भी बताते हैं कि पार्टी को कमजोर करने के कई आरोप लगने के चलते बघेल का पंजाब में जमकर विरोध के तूल पकड़ने के बाद कांग्रेस आलाकमान हरकत में आया है|




