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भारत दौरे पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि म्यांमार भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के संबंधों में उसकी विशेष भूमिका है।
साझा विरासत से मजबूत हैं संबंध
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि भारत और म्यांमार के बीच साझा बौद्ध विरासत और सदियों पुराने जन-से-जन संबंध दोनों देशों की मित्रता को विशेष गर्मजोशी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं, जो आपसी सहयोग को नई दिशा देते हैं।
दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार है म्यांमार
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि म्यांमार भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि म्यांमार को भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार माना जाता है और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने में उसकी अहम भूमिका है।
प्रधानमंत्री मोदी से भी हुई मुलाकात
इससे पहले म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में म्यांमार का विशेष स्थान है।
व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और म्यांमार के बीच व्यापार, संपर्क, क्षमता निर्माण, सुरक्षा सहयोग और विकास परियोजनाओं के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है। उन्होंने म्यांमार में शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया। साथ ही संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भारत के अनुभव साझा करने की बात कही।
संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की पांच दिवसीय भारत यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस यात्रा से द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।




