
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं के साथ पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने के प्रयासों पर चर्चा की। दो सप्ताह से भी कम समय में पीएम मोदी और पेजेशकियान की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर मिले थे।
द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान ने भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। पीएम मोदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियान का आभार जताया।
ग्लोबल साउथ में ब्रिक्स की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स ग्लोबल साउथ के देशों के बीच लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के नेताओं के सत्र में राष्ट्रपति पेजेशकियान की भागीदारी के लिए भी उनका आभार जताया।
पश्चिम एशिया के हालात पर हुआ विचार-विमर्श
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। पीएम मोदी ने भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया।
नौवहन और समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर जोर
पीएम मोदी ने क्षेत्र में नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के साथ समुद्री नाविकों की सुरक्षा और कल्याण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय परिस्थितियों का समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा पर असर न पड़े, इसके लिए आवश्यक प्रयास किए जाने चाहिए।
बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखने पर सहमति
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स समेत विभिन्न बहुपक्षीय संगठनों में आपसी हित के मुद्दों पर भारत और ईरान के बीच जारी सहयोग की सराहना की। दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने और आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।






