
दिल्ली : ”यमराज छुट्टी पर नहीं है”,नतीजतन देश के नेशनल हाईवे ‘डेथ कॉरिडोर’ के रूप में तेज़ी से तब्दील हो रहे है | राष्ट्रीय मार्गों पर हादसों का सिलसिला थामे नहीं थम रहा है| लिहाज़ा,कई लोगों के लिए नेशनल हाईवे पर सफर “अंतिम यात्रा” के रूप में देखा जाने लगा है संसद में पेश नेशनल हाईवे पर होने वाली मौतों का आंकड़ा का काफी चौंकाने वाला है| इसे देख-सुनकर कई सांसदों के पैरों तले ज़मीन ख़िसक गई|

अब,कई सांसद बोलने लगे है,कि आख़िर ”यमराज” से कब मिलेगी मुक्ति ? इन हादसों का बढ़ता ग्राफ़ और रोजाना जान गंवाने वालों की संख्या थामे नहीं थम रही है,आंकड़े तस्दीक करते है,कि हर घंटे 21लोगनेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों में अपनी जान गंवा रहे है| जबकि,ऐसे सड़क हादसों में स्थाई और अस्थाई रूप से अपंग होने वालों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखा गया है,आंकड़े डराने वाले है,इसे देखकर माथापच्ची भी हो रही है,कि आख़िर क्यों नेशनल हाईवे में होने वाले हादसों पर “ब्रेक” नहीं लग रहा है|

देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसे अब भी बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। हालांकि कोरोना महामारी के बाद पहली बार वर्ष 2025 में हाईवे दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद पूरे साल में 62,122 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई। वहीं, दुर्घटनाओं की संख्या बढ़कर 5.13 लाख से अधिक पहुंच गई, यानी औसतन हर घंटे 21 लोगों की मौत राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुई।

राज्यसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में हाईवे दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 4 प्रतिशत कम रहा। वर्ष 2024 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 64,772 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में यह संख्या 63,112 थी। उन्होंने यह भी बताया कि 27 जुलाई 2026 तक देशभर में 77,234 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं।

सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान भी की है। गडकरी के मुताबिक, आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक की मदद से वर्ष 2023 से 2025 के बीच मिले ई-डीएआर (Electronic Detailed Accident Report) के विश्लेषण के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्गों पर 6,358 ब्लैक स्पॉट कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं। ये वे स्थान हैं जहां बार-बार गंभीर सड़क हादसे सामने आए हैं।सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में तमिलनाडु में सबसे अधिक 71,387 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि उत्तर प्रदेश सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतों वाला राज्य रहा, जहां 27,550 लोगों की जान गई।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में करीब 7.15 लाख करोड़ रुपये की लागत से 1,191 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। साथ ही हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू किया जा रहा है। यह तकनीक हाईवे की रियल-टाइम निगरानी करेगी और दुर्घटना होने पर तत्काल सूचना देकर राहत एवं चिकित्सा सहायता तेजी से उपलब्ध कराने में मदद करेगी। फिलहाल 531 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर ATMS लागू करने की मंजूरी दी जा चुकी है।






