
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत ने आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक और सख्त कदम उठाए हैं। सशस्त्र बल खतरों को खत्म करने के लिए आतंकवादियों के गढ़ों में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने उन राजनीतिक आलोचकों पर दुख जताया जो चुनावी फायदे के लिए सैनिकों की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं। राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को सबसे अहम प्राथमिकता दी गई है। निर्णायक और सख्त कार्रवाई की गई है। हमारी सेना आतंकवादियों को खत्म करने के लिए उनके गढ़ों में घुस रही है। आपने यह देखा है। हालांकि, मुझे दुख होता है जब कुछ लोग सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए हमारे सैनिकों की वीरता, क्षमता और साहस पर सवाल उठाते हैं। नरेंद्र मोदी अच्छे शासन (गुड गवर्नेंस) की पहचान हैं। अच्छे शासन का एक और पैमाना यह है कि सरकार को हर हाल में देश की एकता और संप्रभुता के साथ-साथ अपने नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए। चाहे मामला आंतरिक सुरक्षा का हो या बाहरी सुरक्षा का, मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा को शासन की मुख्य प्राथमिकता बनाया गया है।” LWE) की विचारधारा पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने इस खतरे को काफी हद तक खत्म कर दिया है और इसके मूल कारणों से जुड़ी पारंपरिक धारणा को गलत साबित किया है। सिंह ने कहा, “भारत नक्सली हिंसा से मुक्त हो गया है; यह खत्म हो गया है। वामपंथी उग्रवादियों और उनके समर्थकों ने लंबे समय तक यह झूठी बात फैलाई कि गरीबी के कारण नक्सलवाद फैला। असल में, मेरा मानना है कि नक्सलवाद के कारण ही गरीबी फैली… मोदी जी लगातार चुनाव दर चुनाव जनता का भरोसा जीत रहे हैं। आज, वैश्विक सर्वेक्षण मानते हैं कि मोदी जी इस समय दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं।” सरकार विरोधी नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे राजनीतिक विरोधियों पर तीखा हमला करते हुए सिंह ने उन पर विघटनकारी हथकंडे अपनाने और समाज में बंटवारा करने का आरोप लगाया। सिंह ने आगे कहा, “जो लोग मोदी जी के खिलाफ नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वे अब समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें। वे अब छात्रों को भड़का रहे हैं और जाति के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मेरी यही सलाह है कि वे अपना समय और ऊर्जा भारत के विकास के बारे में सोचने में लगाएं। इससे देश का भी भला होगा और उनका भी भला होगा।”




