Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, कब करें भगवान शिव की पूजा ? जानें शुभ मुहूर्त

Maha Shivratri 2026 : महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र पर्व है, जिसे भगवान शिव की आराधना और रात्रि जागरण के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि के दिन लगभग 12 घंटे तक भद्रा का प्रभाव रहने की संभावना है, जिसके कारण श्रद्धालुओं के मन में यह प्रश्न उठ रहा है कि शिव पूजा किस समय करना शुभ रहेगा।

क्या है भद्रा ?
भद्रा हिंदू पंचांग के अनुसार विष्टि करण का काल होता है। इसे कुछ मांगलिक और शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नया कार्य प्रारंभ करना। हालांकि, धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप और भगवान की पूजा पर भद्रा का प्रभाव सामान्यतः नहीं माना जाता, विशेषकर जब बात शिव आराधना की हो।

Maha Shivratri 2026

कब लगेगी महाशिवरात्रि पर भद्रा

पंचांग के अनुसार, 15 फरवरी को शाम 05:04 बजे से भद्रा शुरू होगी, जो अगले दिन 16 फरवरी को सुबह 05:23 बजे तक रहेगी। यह भद्रा पाताल लोक की है। शास्त्रों के अनुसार, जब भद्रा पाताल में होती है, तो उसका दुष्प्रभाव पृथ्वी लोक पर नहीं पड़ता। आप बिना किसी डर के पूरे दिन और रात में शिव पूजा, अभिषेक और अनुष्ठान कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि पर पूजा के 6 मुहूर्त

सुबह के मुहूर्त

चर – सुबह 8.24 – सुबह 9.48
लाभ – सुबह 9.48 – सुबह 11.11
अमृत – सुबह 11.11 – दोपहर 12.35
शाम का मुहूर्त

शुभ – शाम 6.11 – रात 7.47
अमृत – शाम 7.47 – रात 9.23
चर – रात 9.23 – रात 10.59

Maha Shivratri 2026

इस बार क्यों खास है महाशिवरात्रि ?
इस दिन सुबह 06:11 AM से शाम 7.47 PM तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा, जो कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। रात में श्रवण नक्षत्र का होना शिव पूजा के लिए अत्यंत फलदायी है।  ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए आप जलाभिषेक के साथ-साथ बेलपत्र, धतूरा, भांग और कच्चा दूध अर्पित कर सकते हैं।

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