
पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल करते हुए नया राजनीतिक संदेश दिया है। बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव आयोग के अनुसार, पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 और कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मुल्ला को 10,084 वोट प्राप्त हुए। सबसे बड़ा झटका तृणमूल कांग्रेस को लगा, जो मुकाबले में चौथे स्थान पर पहुंच गई।

उधर, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर चुनाव आयोग से जवाब मांगा। अभिषेक ने आरोप लगाया कि रविवार को कुछ ही घंटों में 21 राउंड की गिनती पूरी कर ली गई, जबकि पहले केवल 2 से 4 राउंड की गिनती हो रही थी।इससे पहले बीजेपी नेता दिलीप घोष ने भी फाल्टा में पार्टी की बड़ी जीत का दावा करते हुए कहा था कि यहां मुकाबला एकतरफा रहा और टीएमसी कार्यकर्ता मैदान छोड़ चुके थे।

दरअसल, 29 अप्रैल को हुई मूल वोटिंग के दौरान कई बूथों पर ईवीएम से छेड़छाड़ और चुनावी गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। शिकायतों में ईवीएम पर इत्र छिड़कने और मशीनों पर टेप लगाने जैसी बातें सामने आई थीं। विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया।गुरुवार को कराई गई रीपोलिंग शांतिपूर्ण रही। सभी 285 मतदान केंद्रों पर मतदान बिना किसी हिंसा या तनाव के संपन्न हुआ। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक शाम 5 बजे तक 86.11 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।इस सीट से टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया था, जिससे बीजेपी की जीत पहले से लगभग तय मानी जा रही थी। हालांकि, नाम वापसी की घोषणा के बावजूद रीपोलिंग के दौरान ईवीएम पर उनका नाम मौजूद रहा।



