छत्तीसगढ़ में पकड़ा ISI का एजेंट, पाकिस्तान से व्हाट्सएप चैट, विदेशी हैंडलर्स से संपर्क,बड़ी साजिश का खुलासा…

जांजगीर : छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के अकलतरा में आईएसआई एजेंट सेवक पिता बलविंदर सिंह (26) को आईबी और जिला पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। वह जेएसडब्ल्यू प्लांट में काम की तलाश में पहुंचा था और काम भी शुरू कर दिया था। मूलत: वह पंजाब का रहने का वाला है। प्लांट के काम करने के बहाने पाकिस्तानी सेना की जासूसी कर रहा था। जिसे आईबी ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसे किराए के घर से गिरफ्तार किया है। रिमांड पर भेजने की तैयारी चल रही है।

आरोपी की पहचान आईएसआई एजेंट सेवक पिता बलविंदर सिंह (26) के रूप में हुई है। आईएसआई एजेंट का जीजा लंबे समय से जेएसडब्यू प्लांट में काम कर रहा है। खुफिया जानकारी के आधार पर आईबी ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध पर गोपनीय तरीके से नजर रखी। पुख्ता सबूत जुटाने के बाद उसे अकलतरा स्थित उसके किराए के घर से दबोचा गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वह पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान स्थित आईएसआई समर्थित गैंग से जुड़े व्यक्तियों के संपर्क में था। जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न माध्यमों जैसे वॉट्सऐप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए विदेशी नंबरों और संदिग्ध व्यक्तियों से लगातार संपर्क में था।

पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित राजीव केडिया के मकान में अन्य प्रदेशों के कई व्यक्ति किराए पर रह रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किरायेदारों का सत्यापन किया। इसी दौरान सेवक सिंह संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वयं को पाकिस्तान सीमा क्षेत्र के समीप का निवासी बताया, किंतु उसके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। संदेह के आधार पर पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें सामने आया कि वह पाकिस्तान, सऊदी अरब, मैक्सिको के नंबर से आईएसआई के संपर्क में था।पुलिस का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करने वाली प्रतीत होती हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल पूरे नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और संभावित सहयोगियों की पहचान के लिए मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों और विदेशी संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

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