छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से ज्यादा चर्चा “सरकारी शराब मुख्यालय” में रहस्यमय अग्निकांड की, शराब घोटाले में लिप्त पूर्व मुख्यमंत्री का अब हुआ हाथ -“पाक-साफ़”…?

रायपुर : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का आज तीसरा दिन है, 3 दिवसीय दौरा समाप्त कर आज देर शाम गृहमंत्री रायपुर से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे|अमित शाह ने सोमवार को बस्तर पंडुम में हिस्सा लेकर सैंकड़ों कलाकारों की हौसला अफजाई की|गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों को मरहम लगाते हुए साफ़ किया,कि जो बचे हैं वो हथियार डाल दें, सरकार आपकी चिंता करेगी| केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्‍तर अब दहशत नहीं, संस्कृति और गौरव के उत्सव का केंद्र बन रहा है।

यह संदेश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में दिया. ऐतिहासिक लालबाग मैदान में तीन दिवसीय आयोजन के समापन पर उन्होंने साफ कहा कि बस्तर की पहचान बारूद या हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति से है. शाह ने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा ने बस्तर की लोक परंपराओं, कलाओं और सामाजिक जीवन को दबाने का प्रयास किया, लेकिन अब वह दौर पीछे छूट चुका है. आज बस्तर की संस्कृति राष्ट्रीय पहचान बन रही है और आने वाले वर्षों में यह विश्व मंच पर भी अपनी अलग छाप छोड़ेगी| उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त कोशिशों का परिणाम बताया। यहां 55,000 कलाकार लोगों ने हिस्‍सा लिया है।

इस बीच,राज्य में शाह के दौरे से ज्यादा चर्चा आबकारी भवन में लगी रहस्यमय आग की हो रही है,इसे संयोग ही कहा जाए,कि शनिवार को शाह के रायपुर में दस्तक देते ही आबकारी भवन में आगजनी की घटना सामने आई है| दावा किया जा रहा है,कि ये आग लगी नहीं बल्कि लगाई गई है ? चर्चा यह भी है,कि आगजनी की इस घटना में 3500 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़े कई दस्तावेज राख़ के ढेर में तब्दील हो गए है| इसके साथ ही शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का हाथ –“पाक-साफ़” हो गया है ? 

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यह भी बताया जा रहा है,कि जिस वक्त आबकारी भवन की तीसरी मंजिल में आग ने तांडव मचाया था,उस वक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके मंत्री मंडल के तमाम सदस्य और बड़े नौकरशाह सुशासन की मजबूती के लिए गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठकों में व्यस्त थे,जबकि शासन-प्रशासन की बागडोर संभाल रहे अन्य अधिकारियों की टीम अपने-अपने मोर्चे पर अलर्ट मोड़ पर डटी नजर आ रही थी |

जानकारी के मुताबिक,सुशासन की बहती बयार के बीच “छत्तीसगढ़ सरकार” के “शराब मुख्यालय” को आग के हवाले कर दिया गया है| शनिवार देर शाम घटना सामने आने के बाद से आबकारी मुख्यालय में गहमा-गहमी तेज़ देखी जा रही है|जानकारी के मुताबिक,शनिवार देर रात में ही दमकल की गाड़ियों ने आबकारी भवन में लगी आग को काबू में कर लिया था,लेकिन राख़ में तब्दील फाइलों को देख कर वे भी हैरत में बताए जाते है | केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे मद्देनज़र रायपुर से लेकर बस्तर तक प्रशासनिक गतिविधियां एलर्ट मोड़ पर नज़र आने के बावजूद रायपुर के लाभांडी स्थित आबकारी भवन में भयंकर आगजनी की घटना ने राज्य की बीजेपी सरकार को भी चौंका दिया है,ये वारदात अब ख़ूब सुर्खियां बटोर रही है|

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दरअसल,इस अग्निकांड में राज्य के 3500 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़ी कई सरकारी फाइलें और दस्तावेज भी जल कर खाक होने की जानकारी सामने आई है|आबकारी भवन में उस वक्त अफरा-तफरी का आलम देखा गया,जब इस भवन की तीसरी मंजिल का एक खास हिस्सा धूं-धूं कर जल उठा था| कहा जा रहा है,कि रिकॉर्ड रूम में रखे गए कई जरूरी दस्तावेज आग की भेंट में चढ़ गए | यह जानकारी भी सामने आ रही है,कि इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट से ठीक पहले आबकारी दफ्तर में अंजाम दी गई,आगजनी की घटना काफी रहस्यमय है,विभाग का दावा है,कि प्रिंटर व कंप्यूटर ही जला है|हालांकि,राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है | 

रायपुर के तेलीबांधा जीई रोड स्थित आबकारी भवन की तीसरी मंजिल पर शनिवार रात करीब 8.30 बजे आग लगने की सूचना मिलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी|लोगों के मुताबिक,देखते ही देखते आग की तेज लपटें उठने लगीं और पूरे आबकारी भवन में धुआं भर गया था। सूचना मिलते ही, विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे। उनके मुताबिक,दमकल की मदद से करीब आधे घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। घटना के बाद चर्चा है,कि आग में कई महत्वपूर्ण फाइलें जल गई हैं, जिनमें कथित शराब घोटाले और कुछ विवादित अधिकारियों से जुड़ी फाइलें शामिल बताई जाती है।

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हालांकि आबकारी विभाग के चलनशील अफसरों ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है|नाम ना जाहिर करने की शर्त पर ऐसे अफसरों की दलील है,कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और इसमें केवल कंप्यूटर, प्रिंटर और यूपीएस जले है, सभी जरूरी फाइलें अलमारियों में सुरक्षित है। लेकिन अफसरों ने जाँच कमेटी के गठन का हवाला देते हुए अभी आधिकारिक रूप से नुकसान का हवाला नहीं दिया है|आबकारी भवन की तीसरी मंजिल पर छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) का कार्यालय संचालित होता है,उसी कक्ष में आग का तांडव सामने आया है| उधर,जाँच कमेटी में जीएमडी एसएमसीएल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है,इसमें लेखाधिकारी सीएसएमसीएल, एसडीओ सीएसपीडीसीएल, एसडीओ पीडब्ल्यूडी और नोडल सीए सीएसएमसीएल शामिल बताए जाते हैं,यह समिति 7 दिन अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

इधर,आगजनी में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और उनकी टोली को राहत मिलने की ख़बर से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से ज्यादा चर्चा छत्तीसगढ़ में आबकारी भवन में लगी इस अग्नि कांड की हो रही है| इसकी गूंज उस वक्त जोर-शोर से सुनाई देने लगी,जब गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में नक्सलवाद के खात्मे के लिए कोताही बरतने पर कांग्रेस की पूर्ववर्ती भू-पे सरकार को आड़े हाथों लिया था| गृहमंत्री शाह कांग्रेस की तत्कालीन भू-पे सरकार के काले कारनामो की जिस वक्त बखियां उधेड़ रहे थे,उस वक्त आबकारी भवन भ्रष्टाचार की आग में सुलग रहा था|

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राजनीति के जानकारों के मुताबिक,गृहमंत्री के छत्तीसगढ़ प्रवास से ज्यादा चर्चा का विषय,आबकारी विभाग का यह अग्निकांड बन गया है,इस आगजनी की रहस्यमय घटना की वजह को लेकर प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में भी जमकर माथापच्ची हो रही है | सुशासन की बेला में सालाना ऑडिट से ठीक चंद दिनों पहले शराब घोटाले से जुड़े एवं अन्य दस्तावेजों को आग के हवाले होने का मामला काफी गंभीर बताया जा रहा है|दावा किया जा रहा है,कि अग्निकांड के बाद अब शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का हाथ-“पाक-साफ़” हो गया है ?चर्चा यह भी है,कि कई जरुरी दस्तावेजों के स्वाहा होने से पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने राहत की साँस ली है,आबकारी भवन में आगजनी की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और उनके ख़ेमे की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है|

उधर,इस घटना में हुए नुकसान का कोई आधिकारिक ब्यौरा भी आबकारी अमले ने अभी तक पेश नहीं किया है| नतीजतन,कयासों का दौर जारी है|प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,आग की शुरुआत तीसरी मंजिल पर स्थित ऑडिट कक्ष से हुई थी। उनके मुताबिक, जब तक दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, तब तक रिकॉर्ड रूम को आग से भारी नुकसान पहुंचा चुका था,कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पूरी तरह जल चुके थे। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची और मौके का जायजा लिया|

बताया जा रहा है ,कि जांच दल आगजनी से हुए नुकसान का आकलन करेगा| दरअसल,रहस्यमय अग्निकांड से आबकारी मुख्यालय की विभागीय कार्यप्रणाली और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं,खासकर ऐसे समय में जब महत्वपूर्ण ऑडिट की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी।आगजनी की घटना का सामने आना संदिग्ध गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है|कई विभागीय सूत्र दावा कर रहे है,कि आबकारी भवन में बिजली-पानी और CCTV व्यवस्था पर सालाना लाखों रूपये खर्च किए जाते है,यही नहीं जिस कक्ष में आगजनी की घटना सामने आई है,उस स्थान पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत सामग्री का उपयोग किया गया था| इसका हर माह मेंटेंनेस भी किया जाता है| फ़िलहाल,जांच रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है|  

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