
रायगढ़/रायपुर : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार अफीम की खेती को लेकर कलेक्टर की रिपोर्ट उनके गले की फ़ांस बन सकती है| इसके मद्देनज़र कई जिलों के कलेक्टर ना केवल सतर्क हो गए है,बल्कि राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपने के मामले में भी पसोपेश में है|मुख्यमंत्री साय द्वारा कलेक्टरों से मांगी गई रिपोर्ट किसी “हलफनामे” से कम नहीं आंकी जा रही है |

अफीम की खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों से निपटने के लिए राज्य सरकार अब कलेक्टर और एसपी पर शिकंजा कसने जा रही है | प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की खेती में लिप्त तत्वों पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश देते हुए स्थानीय कलेक्टरों से रिपोर्ट मांग ली है| इस रिपोर्ट में कलेक्टर को लिखित रूप से राज्य सरकार को आश्वस्त करना होगा,कि उनके जिलों में अफीम की अवैध खेती नहीं की जा रही है|बताया जाता है,कि ऐसे दस्तावेजों पर कलेक्टर की सील-मुहर उनके कैरियर के लिए बड़ी चुनौती के रूप में देखी जा रही है| इस रिपोर्ट के दाखिल होने के बाद अवैध रूप से अफीम की खेती के मामले सामने आए तो कलेक्टर भी दंडनीय कार्यवाही के दायरे में बताए जाते है|

सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपने से पूर्व जिला कलेक्टरों ने प्रशासन की टीम को खेत-खलियानो में उतार दिया है| पुलिस को भी विशेष अभियान चला कर उन इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए है,जो कि बड़े एग्रीकल्चर फार्म और लम्बे चौड़े खेतों और बाग़-बगीचों के दायरे में है| राज्य में दुर्ग,बलरामपुर और रायगढ़ में अफीम की खेती की वारदाते सामने आई है| यह भी बताया जाता है,कि इन मामलों में पुलिस ने सिर्फ NDPS ACT की धाराओं के तहत ही मामला पंजीबद्ध किया है| जबकि,अफीम की खेती के लिए अन्य कानूनों का भी उल्लंघन किया गया था|

उधर,रायगढ़ में पुलिस ने अपनी चौकसी बढ़ा दी है| यहां दो स्थानों तमनार के बाद लैलूंगा विकासखंड के ग्राम-नवीन घटगांव और मुड़ागांव में अवैध रूप से अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है| इसके सामने आते ही कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे अभियान में और तेज़ी आई है| प्रशासन ने ड्रोन तकनीक के माध्यम से दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी खेत-खलियानो की निगरानी बढ़ा दी है,इसमें संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा सभी अनुविभागों में व्यापक ड्रोन सर्वे अभियान संचालित किया गया है। इस अभियान के तहत खरसिया (14 ग्राम), घरघोड़ा (10 ग्राम), तमनार (12 ग्राम), लैलूंगा (4 ग्राम), मुकडेगा (3 ग्राम), रायगढ़ (11 ग्राम), पुसौर (13 ग्राम) एवं धरमजयगढ़ (7 ग्राम) में सफलतापूर्वक सर्वे किया गया है।कलेक्टर चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह से जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण और सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान अफीम की खेती के दो मामले सामने आए थे। वहीं, आज दोपहर तीसरा मामला भी प्रकाश में आया है। उन्होंने बताया कि सभी मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती कानूनन गंभीर अपराध है। इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी ड्रोन सर्वे, सघन जांच एवं संयुक्त कार्रवाई इसी तरह लगातार जारी रहेगी।

उधर,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने साफ़ किया,कि पुलिस टीम ने तमनार क्षेत्र के आमाघाट के अलावा कई और इलाको में छापेमारी की है।उन्होंने बताया,कि बलरामपुर में कार्रवाई के दौरान लगभग 60,326 पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2 करोड़ रुपये आंका गया है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को हिरासत में लेकर विवेचना की जा रही है। मौके पर पूरी फसल को उखाड़कर जब्त किया गया तथा रोटावेटर और जेसीबी मशीन की सहायता से खेत को पूरी तरह नष्ट कर समतल किया गया है। उनके मुताबिक,इस कार्रवाई में पुलिस,प्रशासन,कृषि,आबकारी एवं एफएसएल की टीम संयुक्त रूप से उपस्थित रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया,कि इसी क्रम में 23 मार्च को फिजिकल एवं ड्रोन सर्वे के दौरान लैलूंगा तहसील के ग्राम नवीन घटगांव में भी अवैध खेती का मामला सामने आया। यहां भूमिस्वामी सादराम नाग द्वारा अपने खेत में साग-भाजी के बीच छोटे क्षेत्र में अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों में सफेद फूल आना प्रारंभ हो गया था तथा कुछ डंठल सूख चुके थे। पुलिस ने तत्काल फसल को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम के ही एक अन्य व्यक्ति अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल बरामद की गई।टीम के पहुंचने पर आरोपी द्वारा साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे समय रहते विफल करते हुए सामग्री जब्त की गई।
लैलूंगा क्षेत्र के मुड़ागांव में तानसिंह नागवंशी से पूछताछ में लगभग 5 डिसमिल क्षेत्र में संदिग्ध फसल की खेती किए जाने की बात सामने आई है। उसके घर से पेड़, पत्तियां एवं तने के सूखे अवशेष प्रशासनिक टीम द्वारा बरामद कर जांच के लिए भेजा गया हैं।फ़िलहाल,राज्य में 3 जिलों में अफीम की खेती के मामले उजागर हुए है,लेकिन जिस तर्ज पर अफीम उत्पादन के मामलो की झड़ी लग रही है,उसे देख कर जहां राजनीति सरगर्म है,वही हलफनामा रुपी जाँच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के मामले में कई जिलों के कलेक्टरों का पसीना छूट रहा है |




