
नई दिल्ली में उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लेकर चोरी और झपटमारी के बाद बरामद किए गए 12,600 से अधिक मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए।उन्होंने इसे प्रौद्योगिकी आधारित पुलिस व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।उपराज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष Delhi Police ने लगभग 16,000 मोबाइल उपकरण बरामद किए हैं और बरामदगी दर 74 प्रतिशत रही है।उन्होंने कहा कि एक साथ विभिन्न जिलों में 12,600 से अधिक मोबाइल फोन लोगों को लौटाए जा रहे हैं, जो तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।सरदार तरनजीत सिंह संधू ने ‘ऑपरेशन विश्वास’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल खोए, चोरी हुए या झपटे गए मोबाइल फोन खोजकर उन्हें असली मालिकों तक पहुंचाने के लिए चलाई जा रही है।उन्होंने कहा कि केवल तकनीक से ऐसे परिणाम संभव नहीं होते, बल्कि इसके पीछे पुलिसकर्मियों की कड़ी मेहनत भी होती है।उन्होंने कहा कि सिपाहियों से लेकर तकनीकी दलों और जिला इकाइयों तक सभी ने सुराग जुटाने, सत्यापन और मोबाइल की गतिविधियों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई।उपराज्यपाल ने नागरिकों से भी अपराध नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करने की अपील की।उन्होंने कहा कि जब नागरिक, आवासीय कल्याण संघ और बाजार कल्याण संघ पुलिस के साथ मिलकर काम करते हैं, तब पुलिस व्यवस्था अधिक प्रभावी और मानवीय बनती है।सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि विकसित दिल्ली के निर्माण में ऐसी साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन में अग्रणी देश के रूप में देख रही है और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे में भारत की उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर विश्वास पैदा कर रही हैं।उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन विश्वास’ इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा है, जहां भारत आधुनिक, पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित कर रहा है।उपराज्यपाल ने सतीश गोलचा और दिल्ली पुलिस की टीम के प्रयासों की भी प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों, साइबर अपराध, सड़क अपराध और हथियारों के महिमामंडन के खिलाफ विशेष अभियान अपराध नियंत्रण को और मजबूत कर रहे हैं।




