
परिवहन विभाग की ओर से जारी ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026 को जनता, उद्योग जगत और विभिन्न संस्थानों से व्यापक समर्थन मिला है। सरकार को ड्राफ्ट ईवी पॉलिसी 2.0 पर एक महीने के भीतर करीब 700 सुझाव प्राप्त हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, ड्राफ्ट पॉलिसी पर सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 10 मई तय की गई थी। इस दौरान दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किए थे। साथ ही विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ कंसल्टेशन सम्मेलन भी आयोजित किए गए, ताकि पॉलिसी को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाया जा सके।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यदि सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जून 2026 तक EV पॉलिसी 2.0 को लागू किया जा सकता है। सरकार को मिले सुझावों में करीब 400 सुझाव आम लोगों की ओर से आए हैं। इनमें वाहन मालिक, यात्री, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि, छात्र, डिलिवरी राइडर्स और गिग वर्कर्स शामिल हैं। इसके अलावा ऑटोमोबाइल कंपनियों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े उद्योगों और पर्यावरण संगठनों ने भी अपने सुझाव दिए हैं।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, करीब 200 सुझाव उद्योग जगत और ईवी सेक्टर से जुड़े लोगों की ओर से मिले हैं। इनमें चार्जिंग पॉइंट ऑपरेटर्स, बैटरी स्वैपिंग कंपनियां, बिजली आपूर्ति कंपनियां और फ्लीट एग्रीगेटर्स शामिल हैं। इसके अलावा 50 से अधिक सुझाव एजुकेशनल सोसाइटी, एनजीओ, थिंक टैंक, रिसर्च संस्थानों, यूनिवर्सिटीज, पर्यावरण समूहों और ट्रेड एसोसिएशनों की तरफ से प्राप्त हुए हैं। वहीं करीब 400 सुझाव आम नागरिकों से मिले हैं, जिनमें वाहन मालिक, छात्र, आरडब्ल्यूए, डिलिवरी राइडर्स और गिग वर्कर्स शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा चिंता इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी से जुड़े खर्च को लेकर जताई गई है। लोगों ने सुझाव दिया है कि कुछ वर्षों बाद बैटरी बदलने की लागत काफी अधिक हो सकती है, इसलिए इस पर राहत या सहायता का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके अलावा बैटरी रीसाइक्लिंग और पर्याप्त चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराने के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए हैं। स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों ने सरकार से स्कूल बसों के ईवी परिवर्तन के लिए तय समय सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है, ताकि संस्थानों को नई व्यवस्था अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
क्लीन मोबिलिटी का ग्लोबल मॉडल!
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नागरिकों, उद्योग जगत, संस्थानों और विशेषज्ञों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “अधिकांश हितधारकों ने सरकार की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए कई प्रस्तावों का समर्थन किया है। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी मिले हैं, जिन पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जो सुझाव व्यवहारिक और उपयोगी पाए जाएंगे, उन्हें अंतिम EV पॉलिसी में शामिल किया जाएगा।”




