
दिल्ली में युवाओं द्वारा आयोजित विरोध मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने पुलिस पर बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल घायल युवाओं से मिलने दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। केजरीवाल ने कहा कि बच्चे पूरी तरह अहिंसक तरीके से विरोध कर रहे थे और किसी पर हमला नहीं कर रहे थे, लेकिन पुलिस बल उन पर लगातार लाठियां चला रहा था। उन्होंने कहा कि देश के बच्चों और उनके माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है, पूरा देश एक परिवार की तरह उनके साथ खड़ा है और किसी को भी तानाशाहों से डरने की आवश्यकता नहीं है।
अस्पताल में स्थिति का जायजा लेने के बाद अरविंद केजरीवाल ने बताया कि केवल एक छात्र की हालत गंभीर है और उसे भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य सभी घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि सोशल मीडिया की खबरों के अनुसार 110 लोग घायल हुए थे, हालांकि पक्के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। केजरीवाल ने बताया कि वे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और कितने छात्रों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दावों का खंडन किया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर गीतांजलि नाम की 12 साल की लड़की के साथ मारपीट, बाल खींचने, सिर में चोट लगने और 40 से 50 अन्य लोगों के सिर फूटने से जुड़ी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। इसके साथ ही, CJP के विरोध मार्च के दौरान हुई हिंसा और गाड़ियों में की गई तोड़-फोड़ के मामले में दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





