नकटी गांव के पीड़ितों को न्याय दिलाने मैदान में उतरेगी कांग्रेस, राज्यपाल से मिलेगी पार्टी

रायपुर: नकटी गांव के प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस ने बड़े आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस की जांच समिति की बैठक में चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रशासनिक कार्रवाई की समीक्षा भी की गई और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। कांग्रेस की योजना के तहत सबसे पहले पूरे घटनाक्रम के तथ्यों को प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता के सामने रखा जाएगा। इसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। साथ ही लोकभवन में प्रदर्शन और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री निवास के घेराव की भी रणनीति बनाई गई है।

पार्टी ने प्रभावित परिवारों के सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की वापसी की मांग को लेकर भी आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जांच समिति के सदस्य भूपेश बघेल और भावेश बघेल ने कहा कि सम्मानपुर-नकटी की घटना केवल गरीब परिवारों के आशियाने उजड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका दावा है कि बुलडोजर कार्रवाई के बाद मलबे में बेजुबान पशुओं और गौवंश के दबे होने की जानकारी भी सामने आई, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जो सरकार गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति की बात करती है, उसके शासन में ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।

पार्टी ने सरकार से पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि वह पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी। पार्टी सड़क से लेकर सदन, राजभवन और न्यायालय तक हर लोकतांत्रिक मंच पर उनकी आवाज उठाएगी। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

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