
मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज किए जाने के बाद पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। मंगलवार को भोपाल में धरने के बाद अब बुधवार को कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा।मंगलवार देर रात प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई विधायक और पदाधिकारी भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय बंद होने के कारण कोई अधिकारी मौजूद नहीं मिला, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने परिसर में ही धरना शुरू कर दिया।

इस बीच कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में भी चुनाव आयोग के समक्ष अपनी बात रखेगा। आयोग की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में 10 जून को दोपहर 12 बजे निर्वाचन सदन में बैठक का समय तय किया गया है। आयोग ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के नाम भी मांगे हैं। गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया था। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए भाजपा पर राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि झूठे तथ्यों के आधार पर नामांकन खारिज कराया गया।

विरोध के तहत कांग्रेस बुधवार को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर दोपहर 12 से 3 बजे तक उपवास कार्यक्रम भी आयोजित करेगी। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने अपने पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि चुनाव आयोग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो पार्टी इस मामले को अदालत, यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने पर भी विचार करेगी। अब सबकी नजरें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और कांग्रेस की अगली रणनीति पर टिकी हैं।



