
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज (2 मार्च, 2026) नई दिल्ली में आयोजित ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ कार्यक्रम में भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली सरकार द्वारा किया गया था।
हर क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं—सीमाओं की रक्षा से लेकर विज्ञान, खेल, राजनीति, सामाजिक सेवा, प्रशासन और व्यापार तक। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोहों में छात्राओं की बढ़ती संख्या प्रेरणादायक है, हालांकि महिलाओं को अब भी हिंसा, आर्थिक असमानता, सामाजिक रूढ़िवादिता और स्वास्थ्य संबंधी उपेक्षा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
सशक्तिकरण का आधार: समान अवसर और सुरक्षा
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं स्वतंत्र निर्णय ले सकें, आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकें और उन्हें समान अवसर व सुरक्षा मिले। एक सशक्त महिला न केवल अपना जीवन बदलती है, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों की दिशा भी तय करती है।
सरकारी पहलों से सामाजिक-आर्थिक सुदृढ़ीकरण
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा अनेक पहलें की जा रही हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिला है। इन प्रयासों से महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति में सुधार हो रहा है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है।
दिल्ली बने महिला नेतृत्व वाले विकास का मॉडल
राष्ट्रपति ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के नाते पूरे देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है। यदि यहां की महिलाएं सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर हों, तो यह पूरे भारत के लिए सकारात्मक संदेश होगा।
निर्भय और सहायक वातावरण की आवश्यकता
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दिल्ली की महिलाओं को समृद्ध दिल्ली और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी दबाव या भय के स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें और अपने सपनों को साकार कर सकें।




