
नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज आम बजट 2026 पर चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल काफी आक्रामक तेवर में दिखाई दिए। उन्होंने बजट को आज के दौर के मुताबिक नाकाफी बताया। इसी के साथ उन्होंने अमेरिका के बढ़ते दबदबे और भारत के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते पर अपनी बात सदन में रखी। राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स से लेकर अमेरिका की धौंस का मुद्दा उठाया। साथ ही सरकार को घेरते हुए अदाणी-अंबानी को लेकर भी जमकर घेरा।

राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मैं कह रहा हूं कि आपने भारत बेच दिया है। क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। मजेदार बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री भारत को नहीं बेचते। आपको पता है उन्होंने भारत क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है। हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं। वो बातें हैं- एपस्टीन। 3 मिलियन फाइलें अभी भी बंद हैं

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने तय किया कि पाकिस्तान आर्मी चीफ उनके साथ ब्रेकफास्ट करेंगे, तो हमें इस बारे में कुछ कहना होगा। अब क्या हुआ? आपने एक ट्रेड डील की है, जो चीज 21वीं सदी में भारत को बदलने वाली है, जो चीज हमें 21वीं सदी में सुपरपावर बनाने वाली है। मोदी सरकार ने हमारे डाटा के साथ यही किया है। हम अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं। नंबर दो, डाटा लोकलाइजेशन की कोई जरूरत नहीं है। नंबर तीन, अमेरिका में फ्री डाटा फ्लो। नंबर चार, डिजिटल टैक्स पर लिमिट। नंबर पांच, किसी भी सोर्स कोड को बताने की जरूरत नहीं है। फाइनेंस मिनिस्टर मुस्कुरा रही हैं। उन्हें मुस्कुराना बहुत पसंद है। जो कोई भी चाहे, बड़ी टैक्स कंपनी को 20 साल की फ्री टैक्स हॉलिडे। आपने डेटा पर यही किया है। इसी के साथ राहुल गांधी ने व्यापार समझौते को लेकर कहा कि अगर INDIA गठबंधन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता। मैं आपको बताता हूं कि हम क्या कहते। सबसे पहले हम प्रेसिडेंट ट्रंप से कहते, इस समीकरण में सबसे जरूरी चीज इंडियन डाटा है। आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं? हम आपके दोस्त हैं। हम आपकी तारीफ करते हैं। हम आपके डॉलर को बचाने में आपकी मदद करना चाहते हैं। लेकिन प्लीज याद रखें कि अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं, तो सबसे बड़ी एसेट जो आपके डॉलर को बचा सकती है, वह इंडियन लोगों के पास है। वह है डाटा। आपको हमसे बातचीत करने में बराबरी से शर्तें रखनी होंगी।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी ताकतवर टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर 18 फीसदी टैरिफ लग रहा है। अगर बांग्लादेश अमेरिका से कॉटन इंपोर्ट करता है तो उस पर शून्य टैरिफ लगेगा। यानी हमारे कपड़ा उद्योग तो गया। अब अमेरिका फैसला करता है कि हम किससे तेल खरीदेंगे। रूस और ईरान किससे खरीदेंगे, यह सब फैसले अमेरिका करता है, हमारे प्रधानमंत्री नहीं करते। राहुल ने कहा कि शुरुआत में अमेरिका हम पर तीन फीसदी टैरिफ लगाता था, अब वह 18 फीसदी टैरिफ लगाता है। अमेरिका से हमारा आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर होने वाला है। उन्होंने हमसे कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। हमने उनसे कई प्रतिबद्धताएं की हैं। हमारे टैरिफ बढ़ गए हैं, उन पर लगने वाले टैरिफ 16 से शून्य पर आ गए हैं। राहुल ने अपने संबोधन में कहा कि आपने हमारे किसानों को कुचलने के लिए अमेरिकी कृषकों के लिए भारत के बाजार खोल दिए हैं। यानी हम एक तूफान झेल रहे हैं। आप यह स्वीकार कर रहे हैं। क्या मतलब है कि अमेरिका हमसे कहे कि आप किससे तेल खरीदेंगे, किससे नहीं। क्या मतलब है अगर अमेरिका हमसे कहे कि आप पर इतना टैरिफ कब बढ़ेगा और कब कम होगा। यानी उन्होंने ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया है। आप किस तरह इस सदन में आकर इस ट्रेड डील के बारे में बात कर सकते हैं। क्या आपको शर्म नहीं आती। मैं कह रहा हूं कि आपने भारत को बेच दिया है। हमारी भारत माता को बेच दिया है। क्या आपको शर्म नहीं आती। प्रधानमंत्री ने भारत को इसलिए बेच दिया, क्योंकि उनकी गर्दन पर चोक (पकड़) कर लिया गया है। इनकी गर्दन फंसी है, इसलिए देश को बेच रहे हैं। पीएम की आंखों में डर दिख रहा है।




