
रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस में तैनात डीएसपी कल्पना वर्मा को राज्य सरकार ने निलंबित कर दिया है,लेकिन उनके खिलाफ FIR आख़िर कब दर्ज होगी ? इसे लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है|दरअसल,रसूखदार डीएसपी के खिलाफ़ वैधानिक कदम उठाने में छत्तीसगढ़ पुलिस को लगभग 4 माह लग गए,पीड़ित ने सबसे पहले स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी| इस पर प्रकरण की बगैर ठोस जांच किए,सिर्फ कागजो में ही शिकायत का निपटारा कर दिया गया था|

शिकायतकर्ता को “फेना ” अर्थात पुलिस अहस्तांरण योग्य मामला करार देकर चलता कर दिया गया था,हालांकि प्रेस मीडिया में प्रकरण के तूल पकडे जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने उच्च स्तरीय जांच कर “दूध का दूध” और “पानी का पानी” साफ़ कर दिया है| जांच रिपोर्ट में पीड़ित परिवार के कई आरोप सिद्ध पाए गए है,इसके साथ ही राज्य सरकार ने डीएसपी कल्पना वर्मा को फौरी तौर पर निलंबित करते हुए पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया है|

अब सवाल उठ रहा है,कि जब जांच में ही 4 माह का समय लग गया,तो FIR दर्ज करने के मामले में पुलिस महकमा और कितना वक्त लेगा? आमजन मानस में यह भी चर्चा जोरों पर है,कि पुलिस महकमें में वर्दी पर लगने वाले दाग को लेकर पुलिस मुख्यालय आखिर क्यों सुस्त नज़र आता है ? सोशल मीडिया में पीड़ितों के सक्रिय होने के बाद ही क्यों कार्यवाही का मुहूर्त निकलता है,अफसरों द्वारा मामला संज्ञान में लिया जाता है,सरकार के उचित फोरम पर ही पीड़ितों की गुहार क्यों नहीं सुनी जाती ? समय पर शिकायतों का निपटारा नहीं होने के चलते पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के कटघरे में है|

उधर,विवादों से घिरी दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा के ख़िलाफ़ राज्य के गृह विभाग ने सख्त कदम उठाया है.उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है| डीएसपी कल्पना वर्मा लंबे समय से चर्चा में बनी हुई हैं| लव ट्रैप और अवैध वित्तीय लेनदेन के मामले में पद के दुरुपयोग,अनुपातहीनसंपत्ति अर्जित करने,अवैध आर्थिक लाभ जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख निलंबन आदेश किया गया है|

जानकारी के मुताबिक,मामला सिर्फ शिकायतकर्ताओं के निजी संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे पुलिस व्यवस्था, संवेदनशील सूचनाओं की गोपनीयता भंग होने,फ़ोर्स की सुरक्षा और अफसरों की प्रशासनिक नैतिकता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं|

डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच की कथित व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी| इन चैट्स में वित्तीय लेनदेन, संपत्ति और अन्य आर्थिक सौदों का नेटवर्क की बातचीत सामने आई थी| कारोबारी दीपक टंडन बनाम डीएसपी कल्पना वर्मा में जांच रिपोर्ट 1400 से अधिक पेज की बताई जाती है| कारोबारी दीपक टंडन ने स्वयं के खातों से लाखों का ट्रांजेक्शन डीएसपी के निजी बैंक एकाउंट में किया था| इसके अलावा नगद रकम के लेन-देन और सोने-हीरे के गहनों के तोहफे साक्ष्य भी शामिल बताए जाते हैं|

डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्रेम संबंधों के जरिए करीब दो करोड़ रुपये और कीमती सामान हड़पने का आरोप पीड़ित ने लगाया था| जबकि,कल्पना वर्मा ने भी पलटवार करते हुए कारोबारी दीपक टंडन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे| दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें और सबूत सामने आने के बाद जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी गई थी|

फ़िलहाल,यह देखना गौरतलब होगा,कि डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही का दायरा सिर्फ उनके निलंबन तक ही सीमित रहेगा या फिर पीड़ित की फरियाद पर पुलिस दागी अफसर पर FIR भी दर्ज करेगी |






