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DSP Kalpana Verma suspended : रायपुर : दंतेवाड़ा की उप पुलिस अधीक्षक कल्पना वर्मा को राज्य गृह विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद की प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। निलंबन का आदेश महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर से 5 फरवरी 2026 को जारी किया गया।

जारी आदेश के अनुसार डीएसपी कल्पना वर्मा के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की प्राथमिक जांच में वित्तीय लेन-देन, जांच के दौरान दिए गए कथनों और व्हाट्सएप चैट में गंभीर विरोधाभास पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने, पद का दुरुपयोग करने और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत बताए गए हैं। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।बताया गया है कि ASP कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने लगभग 30 दिनों में पूरे मामले की जांच की। यह जांच रिपोर्ट करीब 1400 पन्नों की है, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से गृह विभाग को सौंपा गया।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा पर खुफिया और गोपनीय जानकारियां लीक करने के गंभीर आरोप सही पाए गए हैं। व्हाट्सएप चैट के माध्यम से नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और ऑपरेशनल इनपुट जैसी संवेदनशील सूचनाएं साझा किए जाने के संकेत मिलने की बात कही गई है।जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि चैट के दौरान तीन आईपीएस अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिनसे जुड़ी जानकारियां भी कथित तौर पर लीक हुई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गोपनीय सूचनाओं का लीक होना राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।वहीं होटल कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे आरोप लगाए हैं। कारोबारी का दावा है कि वर्ष 2021 से ‘लव ट्रैप’ के जरिए उससे करीब 2.5 करोड़ रुपये की वसूली की गई। इसमें नकद राशि, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपये की डायमंड रिंग, 5 लाख रुपये के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार शामिल बताए गए हैं। कारोबारी का यह भी कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक उसकी कार और गहने वापस नहीं किए गए हैं। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि होटल खोलने के नाम पर डीएसपी ने अपने भाई के जरिए कारोबारी से पैसे लिए। इस बिंदु पर अलग से विस्तृत जांच की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में बैंक ट्रांजेक्शन, संपत्ति और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का भी गहन परीक्षण किया गया है।गृह विभाग द्वारा निलंबन की कार्रवाई के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। अब जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।






