
अमेरिका में भारत समेत कई देशों से जुड़े 100 फीसदी टैरिफ वाले प्रस्ताव को लेकर आज का दिन अहम है। अमेरिकी सदन में इस विधेयक पर अंतिम मतदान होना है। प्रस्तावित कानून के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले भारत समेत अन्य देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। इसके अलावा ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने का प्रावधान भी प्रस्ताव में शामिल बताया गया है। ऐसे में इस वोटिंग पर भारत समेत अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक व्यापार की नजर बनी हुई है।
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भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज पर भी नजरUPI पेमेंट के नियमों को लेकर भी चर्चासऊदी अरब और यमन के बीच तनावराजस्थान और कच्छ में भारी बारिश का अनुमान100% टैरिफ वाले बिल पर क्यों है नजर?
अमेरिकी सदन में इससे पहले विधेयक को आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान हुआ था। प्रस्ताव का मुख्य फोकस उन देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनाने से जुड़ा है जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो राष्ट्रपति को संबंधित देशों के उत्पादों पर भारी अतिरिक्त शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस से होने वाला ऊर्जा व्यापार लंबे समय से अमेरिका की निगरानी में रहा है।भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज पर भी नजर
इधर खेल जगत से भारत के लिए अच्छी खबर सामने आई है। भारत ने मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत की। दोनों टीमों के बीच अंतिम मुकाबला 17 सितंबर को इसी मैदान पर खेला जाना है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस मुकाबले पर टिकी हुई है।
UPI पेमेंट के नियमों को लेकर भी चर्चा
डिजिटल पेमेंट के मोर्चे पर भी UPI MDR को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर 0.4% MDR की व्यवस्था बताई गई है। उदाहरण के तौर पर 3,000 रुपये के भुगतान पर 12 रुपये और 10,000 रुपये के भुगतान पर 40 रुपये की गणना होती है। वहीं 75,000 रुपये या उससे अधिक के योग्य ट्रांजैक्शन पर अधिकतम MDR 300 रुपये बताया गया है। हालांकि यह शुल्क ग्राहक से सीधे लेने के बजाय संबंधित मर्चेंट साइड पर लागू होने की बात कही गई है।सऊदी अरब और यमन के बीच तनाव
मध्य पूर्व में भी हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है। सऊदी अरब और यमन के बीच तनाव को लेकर लगातार घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। मक्का को लेकर भी गंभीर दावे सामने आए हैं। सऊदी अरब की ओर से मक्का की दिशा में हमले की कोशिश का दावा किया गया है, जबकि हूती पक्ष ने इससे इनकार किया है। इस घटनाक्रम के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा और तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है।
राजस्थान और कच्छ में भारी बारिश का अनुमान
मौसम के मोर्चे पर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान से सटे क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर दिखाई दे सकता है। इसके प्रभाव से सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम से जुड़ी जानकारी के अनुसार करीब 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
100% टैरिफ वाले बिल पर क्यों है नजर?
अमेरिका में प्रस्तावित विधेयक को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि इसे मंजूरी मिलती है तो राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कितना और किस तरह का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार मिलेगा। भारत के संदर्भ में यह मुद्दा खास महत्व रखता है, क्योंकि ऊर्जा आयात और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध दोनों ही बड़े आर्थिक विषय हैं।
अब सभी की निगाहें अमेरिकी सदन में होने वाली अंतिम वोटिंग पर हैं। मतदान के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विधेयक किस रूप में आगे बढ़ता है और इसके बाद राष्ट्रपति के अधिकारों तथा संभावित टैरिफ को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।






