
रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी और इसके बाद फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से जुड़ी प्रेरणादायी फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना चाहिए। उनका मानना है कि फिल्म के टैक्स फ्री होने से प्रदेश के दर्शकों, खासकर युवाओं को भारतीय संत परंपरा और उससे जुड़े जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मंत्रिपरिषद के कई सदस्य भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री साय ने फिल्म को संत परंपरा और मानवीय मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि भारत के संतों ने समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का रास्ता दिखाया है। उन्होंने नीम करौली बाबा के जीवन को इसका प्रेरणादायी उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाबा ने सरल जीवन और सहज संदेश के जरिए मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का महत्व बताया, जो आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। फिल्म में नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा और सेवा-भक्ति के संदेश को केंद्र में रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक, कलाकारों और पूरी टीम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज तक विचार, संस्कार और सकारात्मक संदेश भी पहुंचाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने के फैसले से अब प्रदेश में दर्शकों के लिए फिल्म देखना और आसान होगा।





