
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। उनका विमान देर रात करीब 3 बजे नई दिल्ली पहुंचा, जहां विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन का काफिला ITC मौर्या होटल के लिए रवाना हुआ। BRICS बैठक से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात होगी। इस दौरान Su-57 लड़ाकू विमान, अपडेटेड ब्रह्मोस, S-400 की शेष डिलीवरी और Su-30MKI के अपग्रेड जैसे रक्षा सौदों पर चर्चा होने की संभावना है। रूस भारत में Su-57 के उत्पादन और तकनीक साझा करने का प्रस्ताव भी दे चुका है।

भारत-रूस बातचीत का एजेंडा सिर्फ रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देश परमाणु ऊर्जा, रुपये-रूबल में व्यापार और परिवहन संपर्क को मजबूत करने पर भी चर्चा कर सकते हैं। कुडनकुलम के बाद भारत में रूसी तकनीक से नए परमाणु संयंत्र और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। वहीं इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री मार्ग के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार को तेज करने पर भी जोर रहेगा। पुतिन के साथ रूस का विशेष विमान और उनका बख्तरबंद काफिला भी भारत पहुंच चुका है। उनकी सुरक्षा में रूसी और भारतीय एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। BRICS सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान की मौजूदगी भी अहम होगी। जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत आ रहे हैं और गलवान संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। दोनों नेता सीमा विवाद, व्यापार घाटे, बाजार पहुंच और LAC पर सैन्य संपर्क जैसे मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं। वहीं पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पजेशकियान की बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, क्षेत्रीय शांति और भारत-ईरान संबंधों पर चर्चा होगी। सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली में करीब 30 हजार पुलिस और अर्द्धसैनिक जवान तैनात किए गए हैं, जबकि एयर डिफेंस, एंटी-ड्रोन सिस्टम, CCTV और सुरक्षित रूटों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा किया गया है।
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